समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का 29 अप्रैल को प्रस्तावित गाजीपुर दौरा फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। वह इस दौरे के दौरान पीड़ित परिवार से मुलाकात करने वाले थे। पार्टी की ओर से जारी जानकारी में बताया गया है कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति सामान्य होने के बाद यह कार्यक्रम दोबारा तय किया जाएगा।

भाजपा सरकार पर अखिलेश यादव के आरोप

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश में महिलाओं और बेटियों के खिलाफ अपराध की घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने गाजीपुर, हरदोई, प्रतापगढ़ और फतेहपुर की घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि कई मामलों में पीड़ित परिवारों को अब तक न्याय नहीं मिल पाया है।

लखनऊ के होटल सेंट्रम में एक कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए और समाजवादी पार्टी के नेताओं-कार्यकर्ताओं पर दर्ज कथित झूठे मुकदमे वापस लिए जाने चाहिए। उन्होंने प्रतापगढ़ और फतेहपुर की घटनाओं का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि कुछ मामलों में आरोपियों को संरक्षण दिया जा रहा है।

अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि भाजपा सरकार का “जीरो टॉलरेंस” का दावा केवल कागजों तक सीमित है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पर प्रशासनिक दबाव बनाकर पक्षपातपूर्ण कार्रवाई कराई जा रही है।

बंगाल चुनाव और प्रशासनिक अधिकारी पर टिप्पणी

अखिलेश यादव ने पश्चिम बंगाल चुनाव से जुड़े एक मामले का जिक्र करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी का कथित वीडियो सामने आने से प्रदेश प्रशासन की छवि पर असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि इससे सरकार के महिला सुरक्षा और सम्मान के दावों पर सवाल खड़े होते हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि देखना होगा कि संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई कितनी जल्दी होती है, और यह मामला सीधे तौर पर मुख्यमंत्री की कार्यशैली से जुड़ा हुआ है।

पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता

समाजवादी पार्टी ने गाजीपुर पीड़ित परिवार को कुल 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की है। यह सहायता पार्टी और पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समाज की ओर से संयुक्त रूप से दी गई है।

पार्टी प्रतिनिधिमंडल में पूर्व मंत्री राम आसरे विश्वकर्मा, समाजवादी महिला सभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष सीमा राजभर, विधायक जयकिशन साहू और रीता विश्वकर्मा शामिल रहे, जिन्होंने पीड़ित परिवार से मिलकर सहायता राशि सौंपी। इसमें समाजवादी पार्टी की ओर से 2 लाख रुपये और विश्वकर्मा समाज की ओर से 3 लाख रुपये की मदद दी गई।