इलाहाबाद हाईकोर्ट में गुरुवार को अवमानना याचिका 2815/2018 वीएम सिंह बनाम संजय भूसरेड्डी पर सुनवाई हुई. जस्टिस प्रकाश पाडिया ने दोनों पक्षों को सुना. भूसरेड्डी की तरफ से विशेष अधिवक्ता पेश हुए और उन्होंने कोर्ट से कहा कि उच्च न्यायालय के ब्याज पर पुनर्विचार करने के आदेश का पालन गन्ना आयुक्त द्वारा दिनांक 25/3/2019 को कर दिया गया है जिससे मुनाफे वाली मिलें 12% एवं घाटे वाली मिलें 7% प्रति वर्ष के हिसाब से ब्याज देंगी. उन्होंने कोर्ट से गुजारिश की कि अनुपालन के 3 हलफनामें प्रस्तुत कर दिए गए हैं इसलिए प्रतिवादिगण से अवमानना का नोटिस वापिस लिया जाए.
तीनों हलफनामे झूठे
याचिकाकर्ता वीएम सिंह ने एतराज़ करते हुए कहा कि तीनों हलफनामे झूठे हैं और गन्ना आयुक्त ने कोर्ट से हलफनामे में झूठ कहा है कि उच्च न्यायालय के आदेश का पालन हो गया है. उन्होंने आगे कहा कि जब ब्याज का दर माफ किया जाता है या कम किया जाता है तब कानून के तहत राज्य सरकार की मंजूरी के बिना गन्ना आयुक्त का निर्णय अधूरा होता है और जब न्यायालय को इस विषय में कानून दिखाया गया तो अन्य न्यायाधीश प्रकाश पाड़िया ने गन्ना आयुक्त के वकील से कहा कि क्या सरकार ने ब्याज दर कम करने की मंजूरी दी है, जिस पर गन्ना आयुक्त के वकील ने मालूम करने के लिए समय चाहा पर कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अगर नहीं ली है तो हम समय देते हैं इजाजत लो ओर प्रक्रिया पूरी करो.
हीं वी एम सिंह ने कोर्ट को बताया कि ये बार-बार कहते हैं कि हमने आदेशों का पालन किया है पर हकीकत है कि 47 लाख गन्ना किसानों को हजारों करोड़ ब्याज मिलना था उनमें में से एक को भी ब्याज नहीं मिला और न्यायालय से अगली तारीख से पहले ब्याज दिलवाने की गुजारिश की.
न्यायालय ने कहा- अगली तारीख से पहले मिले ब्याज का पैसा
वीएम सिंह ने कोर्ट के सामने हलफनामा प्रस्तुत किया जिसमें जिला गन्ना अधिकारी एवं समितियों के सचिव ने किसानों के ब्याज के ब्यौरे के जवाब की प्रति हलफनामे के साथ लगाई और बताया कि एक पैसा तो ब्याज का दिया नहीं ओर उसका ब्यौरा देने से भी इंकार कर रहे हैं. इस पर न्यायलय ने सरकारी वकील से कहा कि अगली तारीख से पहले ब्याज दिलाने का काम करें जिस पर सरकारी वकील ने कहा कि गन्ना आयुक्त से मैं जानकारी मंगवाता हूँ पर न्यायाधीश ने दो टूक कहा कि जानकारी नहीं अगली तारीख से पहले ब्याज का पैसा मिल जाना चाहिए. कोर्ट ने अंतिम फैसले के लिए मामला 27 अक्टूबर को रखते हुए कहा कि हमें उम्मीद है कि अगली तारीख से पहले ब्याज दे दिया जाएगा.