उत्तर प्रदेश में सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी कामयाबी मिली है। Uttar Pradesh Anti-Terrorism Squad ने एक संदिग्ध आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए दो युवकों को गिरफ्तार किया है। जांच में संकेत मिले हैं कि दोनों आरोपी पाकिस्तान से जुड़े गैंगस्टरों और खुफिया एजेंसी Inter-Services Intelligence के संपर्क में थे और देश के संवेदनशील ठिकानों को निशाना बनाने की योजना बना रहे थे।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान कुशीनगर निवासी कृष्णा मिश्रा (20) और बाराबंकी निवासी दानियाल अशरफ (23) के रूप में हुई है। एटीएस के अनुसार, दोनों का संपर्क पाकिस्तानी गैंगस्टरों—शहजाद भट्टी, आबिद जट और हम्माद—से था, जो कथित तौर पर आईएसआई के इशारों पर काम कर रहे थे।
जांच एजेंसियों को आरोपियों के मोबाइल फोन से कई अहम सुराग मिले हैं। इनमें पाकिस्तानी नंबर, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए की गई वीडियो कॉलिंग और वॉइस मैसेज शामिल हैं। व्हाट्सएप ग्रुप कॉल के माध्यम से विदेशी नंबरों के साथ बातचीत कर साजिश रचने के संकेत भी सामने आए हैं।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि दानियाल अशरफ ने दूसरे राज्य के एक पुलिस थाने की रेकी कर उसका वीडियो और लोकेशन पाकिस्तान स्थित संपर्कों को भेजी थी। इसके अलावा, कुछ अन्य महत्वपूर्ण संस्थानों की जानकारी भी साझा की गई। बताया जा रहा है कि उसने हमले को अंजाम देने के लिए हथियार और आर्थिक मदद की मांग भी की थी।
दूसरी ओर, कृष्णा मिश्रा के मोबाइल से ऐसे ऑडियो-वीडियो मिले हैं, जिनमें कथित तौर पर उसे वर्दीधारी व्यक्ति को निशाना बनाने के निर्देश दिए गए थे। उसके फोन में रेकी से जुड़े कई वीडियो भी बरामद हुए हैं।
एटीएस के मुताबिक, दोनों आरोपियों का संपर्क सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Instagram के जरिए हुआ था, जहां उन्हें निर्देशों का पालन करने पर ‘हीरो’ बनाने का लालच दिया गया। तलाशी के दौरान उनके पास से हथियार और कारतूस भी बरामद किए गए हैं। मामले में आगे की जांच जारी है।