नई दिल्ली। संसद में महिला आरक्षण विधेयक को लेकर चल रही बहस के दौरान समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद अखिलेश यादव ने सरकार पर निशाना साधते हुए कई सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी महिला आरक्षण के सिद्धांत के खिलाफ नहीं है, लेकिन जिस तरीके और जल्दबाजी में इसे लाया जा रहा है, उस पर आपत्ति है।
अखिलेश यादव ने कहा कि यदि देश में जातीय जनगणना कराई जाती है तो आरक्षण को लेकर नई मांगें सामने आएंगी और सरकार इसी से बचना चाहती है। उन्होंने यह भी कहा कि देश में सिर्फ आरक्षण ही नहीं, बल्कि समाज के कमजोर वर्गों को संरक्षण देने की भी आवश्यकता है।
ओबीसी और मुस्लिम महिलाओं के लिए भी आरक्षण की मांग
सपा प्रमुख ने कहा कि महिलाओं के नाम पर सिर्फ नारेबाजी करने के बजाय वास्तविक भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने मांग की कि महिला आरक्षण में ओबीसी महिलाओं के साथ-साथ मुस्लिम महिलाओं को भी शामिल किया जाना चाहिए।
अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि मौजूदा दौर में महिलाएं कई तरह की परेशानियों का सामना कर रही हैं और सरकार को उनकी समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।
परिसीमन पर भी उठाए सवाल
अपने संबोधन में उन्होंने परिसीमन की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। अखिलेश यादव का कहना था कि जनगणना के बाद ही परिसीमन की प्रक्रिया शुरू होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि परिसीमन के जरिए चुनावी क्षेत्रों का नक्शा बदलने की कोशिश की जा रही है, जो एक राजनीतिक रणनीति का हिस्सा हो सकती है।