भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने दोघट कस्बे में आयोजित जनसभा में कई अहम मुद्दों पर अपनी राय साझा की। उन्होंने शंकराचार्य विवाद, कृषि और ऋषि परंपरा के संभावित हस्तक्षेप, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के लागू होने के प्रभाव और देश में बढ़ती जनसंख्या पर चिंता जताई।

शंकराचार्य विवाद पर तीखी प्रतिक्रिया
टिकैत ने कहा कि अधिकारियों को सुनिश्चित करना चाहिए कि शंकराचार्य विधिपूर्वक स्नान कर सकें। अगर ऐसा न हो सका तो इसका पाप संगीन होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कृषि और ऋषि परंपरा के साथ छेड़खानी हुई, तो किसान आंदोलन के लिए तैयार रहेंगे। टिकैत ने अधिकारियों और सरकार से अनुरोध किया कि संतों के बीच फूट डालने का प्रयास न करें।

यूजीसी लागू होने पर चिंता
टिकैत ने कहा कि यूजीसी का देशभर में लागू होना विवाद और मुकदमेबाजी को बढ़ावा देगा। उनका मानना है कि समस्याओं का हल मुकदमेबाजी के बजाय बातचीत और समझौते से किया जाना चाहिए।

जनसंख्या नियंत्रण पर जोर
देश में तेजी से बढ़ती जनसंख्या को गंभीर चुनौती बताते हुए टिकैत ने ‘जनसंख्या नियंत्रण कानून’ लागू करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि देश में जनसंख्या विस्फोट की गंभीर समस्या पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। टिकैत ने 50 साल तक ‘एक संतान योजना’ लागू करने और नियमों का उल्लंघन करने पर दंड का प्रावधान करने का सुझाव दिया।