उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में गुरुवार को बारा टोल प्लाजा पर माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब उच्च न्यायालय के अधिवक्ता के साथ हुई मारपीट के विरोध में सैकड़ों वकील सड़क पर उतर आए। गुस्साए वकीलों ने टोल प्लाजा पर बूम बैरियर तोड़े और टोल बूथ में जमकर तोड़फोड़ की। हालात इतने बिगड़े कि सभी टोल कर्मचारी अपनी सुरक्षा के लिए भाग खड़े हुए। फिलहाल टोल 8 घंटे से बिना किसी कर्मचारी के फ्री चल रहा है, और वाहन बिना टोल चुकाए गुजर रहे हैं।

हाईकोर्ट अधिवक्ता पर हमला
यह घटना बुधवार 14 जनवरी की है। जानकारी के अनुसार, प्रयागराज हाईकोर्ट के अधिवक्ता रत्नेश शुक्ला लखनऊ हाईकोर्ट जा रहे थे। जब वह बारा टोल पहुंचे, तो फास्टैग में बैलेंस खत्म होने की बात सामने आई। रत्नेश ने नियम के अनुसार नकद भुगतान कर रसीद कटवाने की बात कही, लेकिन इसी दौरान टोल कर्मचारियों के साथ उनकी कहासुनी हो गई।

आरोप है कि विवाद बढ़ते ही टोल कर्मियों ने अधिवक्ता पर हमला कर दिया। उन्हें सड़क पर गिराकर पीटा गया, जिससे रत्नेश गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना जैसे ही वकीलों तक पहुंची, पूरे जिले में आक्रोश फैल गया।

वकीलों का प्रदर्शन और तोड़फोड़
गुरुवार दोपहर हैदरगढ़ तहसील बार के नेतृत्व में बड़ी संख्या में वकील बारा टोल प्लाजा पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने बूम बैरियर तोड़ दिए और टोल बूथ में तोड़फोड़ की। नारेबाजी के दौरान हाईवे पर यातायात भी कुछ समय के लिए बाधित हुआ।

भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के कार्यकर्ता भी वकीलों के समर्थन में मौके पर पहुंचे, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। प्रशासन और पुलिस ने अतिरिक्त बल तैनात कर भीड़ को नियंत्रित किया।

पुलिस जांच और कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अधिवक्ता के साथ मारपीट और टोल प्लाजा पर हुई तोड़फोड़ दोनों मामलों की जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वकील भी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और टोल कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।