बरेली में मोबाइल किस्त के लेन-देन को लेकर हुए विवाद के बाद एलएलबी छात्र योगेश यादव (21) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पेट में गोली लगने के बाद परिजन उसे बरेली के निजी अस्पताल ले गए, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद पुलिस जांच में जुट गई है।
पुलिस के अनुसार, नवादा बिलसंडी गांव निवासी योगेश यादव के भतीजे अनुज ने गांव के ही पीके यादव के आधार कार्ड पर मोबाइल किस्त ली थी। योगेश ने समय पर किस्त जमा नहीं की, जिस पर पीके यादव ने सोमवार दोपहर करीब चार बजे किस्त जमा करने को लेकर टोका। इसी दौरान दोनों पक्षों में विवाद हो गया और पीके ने अनुज को थप्पड़ मार दिया।
इसके बाद शाम को गांव के बस अड्डे पर दोनों पक्षों के बीच फिर झगड़ा हो गया। इस दौरान पीके यादव, उसके भाई सुमित और अन्य साथियों ने योगेश और उसके भाई को पीटा। इसी बीच सुमित ने तमंचा निकालकर योगेश के पेट में गोली मार दी। घटना स्थल पर चीखते हुए गिरने के बाद उसे परिजन अस्पताल ले गए, जहाँ डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
योगेश का भाई भी इस घटना में घायल हुआ। मृतक के भाई और अधिवक्ता मनोज यादव ने आरोप लगाया कि सुमित उर्फ नन्हे यादव के परिवार के साथ उनके परिवार की पहले से रंजिश चल रही थी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में इसी परिवार के खिलाफ मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इसी पुरानी रंजिश को लेकर सोमवार शाम सुमित ने योगेश यादव को गोली मार कर हत्या कर दी।