सरधना में भारतीय किसान यूनियन (क्रांतिकारी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव राणा के नेतृत्व में प्रस्तावित यूजीसी कानून विरोधी आंदोलन में प्रशासनिक हस्तक्षेप के कारण बदलाव करना पड़ा। संगठन की योजना थी कि चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से जुलूस निकालकर कमिश्नरी चौराहा पहुंचकर ज्ञापन सौंपा जाए, लेकिन सोमवार सुबह पुलिस और प्रशासन ने मौके पर आकर वार्ता की और विश्वविद्यालय जाने का कार्यक्रम स्थगित कर दिया।

सलावा बाजार से बस अड्डे तक पैदल मार्च
कार्यक्रम में बदलाव के बाद संगठन के कार्यकर्ताओं और राजपूत समाज के लोगों ने सलावा गांव के मुख्य बाजार से बस अड्डे तक पैदल मार्च निकाला। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने यूजीसी कानून को 'काला कानून' करार देते हुए जोरदार नारेबाजी की।

तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
प्रदर्शनकारियों ने मौके पर मौजूद तहसीलदार ज्योति सिंह को ज्ञापन सौंपते हुए केंद्र सरकार से कानून को तुरंत वापस लेने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि कानून निरस्त नहीं किया गया तो आगे चलकर महापंचायत का आयोजन किया जाएगा।

पुतला दहन और शपथ
इससे पहले सोमवार को ही सलावा में केंद्र सरकार और यूजीसी कानून के विरोध में पुतला दहन किया गया। इस दौरान राजीव राणा ने उपस्थित लोगों से शपथ दिलाई कि यूजीसी कानून वापस लिए जाने तक वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को वोट नहीं देंगे।