समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में अपराध और भ्रष्टाचार बेकाबू हो चुके हैं और आम जनता खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है। हत्या, लूट, चोरी, डकैती और महिलाओं के खिलाफ अपराध रोजमर्रा की घटनाएं बन गई हैं, जबकि सरकार इन्हें रोकने में नाकाम साबित हो रही है।

जारी बयान में अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार का ‘जीरो टॉलरेंस’ केवल नारा बनकर रह गया है। उन्होंने हाल की घटनाओं का हवाला देते हुए बताया कि सीतापुर में एक सेवानिवृत्त लेखपाल के परिवार को बंधक बनाकर लाखों की डकैती हुई, वहीं अम्बेडकरनगर के अकबरपुर क्षेत्र में दिनदहाड़े एक महिला की निर्मम हत्या कर दी गई। ऐसे मामले यह दर्शाते हैं कि अपराधियों में कानून का कोई भय नहीं है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि मौजूदा शासन में अपराध और भ्रष्टाचार इसलिए नहीं रुक पा रहे हैं क्योंकि सत्ता से जुड़े लोग ही इन्हें संरक्षण दे रहे हैं। उन्होंने जल जीवन मिशन में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियों का जिक्र करते हुए कहा कि कई जिलों में बनी पानी की टंकियां समय से पहले ही क्षतिग्रस्त हो गईं। इसके अलावा चित्रकूट के कोषागार में करोड़ों रुपये के कथित घोटाले और गोंडा स्थित यूपी कोऑपरेटिव बैंक में वित्तीय अनियमितताओं की ओर भी उन्होंने ध्यान दिलाया।

अखिलेश यादव ने कहा कि कोडीन कफ सिरप का मामला प्रदेश ही नहीं, देशभर में चर्चा का विषय बन चुका है। उनका आरोप है कि भाजपा के सत्ता में आने के बाद से लगातार घोटाले सामने आ रहे हैं और सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग हो रहा है।

पहलवानों से की मुलाकात

इस बीच सोमवार को अखिलेश यादव से मुजफ्फरनगर और शामली के युवा पहलवान मोंटी मलिक और नवीन बालियान ने मुलाकात की। पहलवानों ने बताया कि समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान खिलाड़ियों को सम्मान और प्रोत्साहन मिला था। इस अवसर पर सांसद हरेंद्र मलिक और सपा के वरिष्ठ नेता राजेंद्र चौधरी भी मौजूद रहे।