लखनऊ। राजधानी में बृहस्पतिवार को डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने अपने आवास पर 100 बटुकों को सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने बटुकों पर पुष्पवर्षा की और तिलक लगाकर उन्हें सम्मानित किया। उन्होंने कहा, “चोटी खींचने वालों को पाप लगेगा।”
राजनीतिक विश्लेषक इसे ऐसे समय में डैमेज कंट्रोल के तौर पर देख रहे हैं, जब प्रयागराज के माघ मेले से शुरू हुआ शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद विवाद अभी भी शांत नहीं हुआ है।
सीएम योगी का बयान और राजनीति
इस विवाद पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कई बार अपनी राय व्यक्त की है। हाल ही में उन्होंने बिना किसी का नाम लिए संकेत दिए और कालनेमि का जिक्र किया। बजट सत्र के दौरान सीएम ने कहा कि कोई भी खुद को शंकराचार्य नहीं लिख सकता।
इस बयान को लेकर विपक्ष, विशेषकर सपा ने सरकार पर हमला बोला। अखिलेश यादव ने सवाल उठाया कि जो दूसरों से प्रमाण-पत्र मांगते हैं, उन्हें खुद मिलने पर वह कौन सा प्रमाण-पत्र देंगे।
इसी राजनीतिक माहौल के बीच ब्रजेश पाठक का बटुकों को सम्मान देने का कार्यक्रम चर्चा में आ गया है। राजनीतिक जानकार इसे विवाद की हल्की सी हवा को नियंत्रित करने और छवि सुधारने की रणनीति से जोड़कर देख रहे हैं।