लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) के परिणामों का आकलन करने में जुट गई है। पार्टी ने हाल ही में गठित करीब 15 हजार बूथ कमेटियों से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है, जिसके आधार पर आगे की राजनीतिक रणनीति तैयार की जाएगी।

पार्टी सूत्रों के अनुसार, बसपा ने इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाई थी ताकि उसके समर्थक मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट में सुरक्षित रह सकें। अब अभियान के नफा-नुकसान का मूल्यांकन किया जा रहा है।

सक्रिय कार्यकर्ताओं को मिल सकता है फायदा

सूत्रों का कहना है कि एसआईआर अभियान में जिन पदाधिकारियों ने बेहतर और सक्रिय भूमिका निभाई है, उन्हें आगामी चुनावों में टिकट वितरण के दौरान प्राथमिकता दिए जाने की संभावना है। जिन संभावित प्रत्याशियों को जिला स्तर पर जिम्मेदारी दी गई थी, उनकी रिपोर्ट भी पार्टी के पास पहुंच रही है, जिसके आधार पर उनकी दावेदारी पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

मायावती खुद कर रही हैं समीक्षा

बसपा सुप्रीमो मायावती इस पूरे मामले की स्वयं समीक्षा कर रही हैं। उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल को सभी जिलों से रिपोर्ट जुटाने के निर्देश दिए हैं। खासतौर पर उन क्षेत्रों की जानकारी मांगी गई है जहां मतदाताओं की संख्या में कमी देखी गई है, ताकि छूटे हुए नामों को मतदाता सूची में जोड़ा जा सके।

पहले ही दिए गए थे निर्देश

गौरतलब है कि 7 फरवरी को लखनऊ में हुई पार्टी बैठक के दौरान मायावती ने एसआईआर अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने और बहुजन समाज को जागरूक कर अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। अब पार्टी उसी अभियान के परिणामों का विश्लेषण कर आगे की चुनावी रणनीति तैयार कर रही है।