वाराणसी। कमिश्नरेट के चोलापुर थाना क्षेत्र के नेहिया गांव में आंबेडकर और केशरिया झंडे को लेकर चल रहा विवाद दूसरे दिन भी उग्र हो गया। शुक्रवार को दोनों पक्षों के बीच तनाव इतना बढ़ गया कि मामला पत्थरबाजी तक पहुंच गया, जिसमें पुलिसकर्मी भी घायल हो गए।

घटना के दौरान एसीपी सारनाथ विदुष सक्सेना के सिर में चोट लग गई। उन्हें तुरंत उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। वहीं, पत्थरबाजी में एक दरोगा समेत दो अन्य पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। हालात बिगड़ने के बाद इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पांच थानों की पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई।

मौके पर डीसीपी वरुणा जोन प्रमोद कुमार, सारनाथ और लालपुर पांडेयपुर थाना प्रभारी सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासनिक स्तर पर एसडीएम पिंडरा, तहसीलदार कुलवंत सिंह और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त ने भी घटनास्थल का निरीक्षण कर स्थिति की जानकारी ली।

पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और दोनों पक्षों से पूछताछ की जा रही है।

क्या है पूरा विवाद

जानकारी के अनुसार, 14 अप्रैल को आंबेडकर जयंती के मौके पर गांव में स्थित भैरव बटुक धाम जाने वाले गेट पर आंबेडकर का झंडा लगाया गया था। आरोप है कि इसके बाद कुछ अराजक तत्वों ने झंडे को फाड़कर जला दिया।

इस घटना के बाद भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन करते हुए सड़क जाम कर दिया था। स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई जब दूसरे पक्ष से जुड़े संगठन के कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंच गए और आमने-सामने आ गए।

पुलिस ने पहले हस्तक्षेप कर किसी तरह हालात को शांत कराया था, लेकिन शुक्रवार को एक बार फिर दोनों पक्षों के बीच तनाव भड़क उठा और विवाद हिंसक झड़प में बदल गया।