लखनऊ के लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आंगनबाड़ी व्यवस्था को मजबूत बनाने से जुड़े कई अहम फैसलों और योजनाओं का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का बढ़ा हुआ मानदेय अप्रैल से लागू किया जाएगा। उनके अनुसार, जब आंगनबाड़ी केंद्रों को आधुनिक बनाया जा रहा है, तो वहां काम करने वालों को भी सम्मानजनक पारिश्रमिक मिलना चाहिए। उन्होंने विभाग को निर्देश दिए कि जल्द प्रशिक्षण पूरा कर मानदेय बढ़ाने का प्रस्ताव लाया जाए, ताकि कर्मचारियों को न्यूनतम सम्मानजनक आय सुनिश्चित हो सके।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान पूर्ववर्ती सरकार पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि 2017 से पहले पोषाहार वितरण व्यवस्था में अनियमितताएं थीं और इसे कथित तौर पर बाहरी प्रभावों के हवाले कर दिया गया था। उनका कहना था कि उस समय बच्चों के पोषण के साथ खिलवाड़ हुआ, जिसका असर राज्य की स्थिति पर भी पड़ा।
कार्यक्रम में 69,804 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को स्मार्टफोन वितरित किए गए, वहीं हजारों नई नियुक्तियों के लिए नियुक्ति पत्र भी सौंपे गए। इसके अलावा बच्चों की लंबाई और वजन मापने के लिए ग्रोथ मॉनिटरिंग डिवाइस भी दिए गए, जिससे कुपोषण पर निगरानी और प्रभावी हो सकेगी। राज्यभर में आंगनबाड़ी केंद्रों और बाल विकास परियोजना कार्यालयों के निर्माण व उन्नयन से जुड़े कई प्रोजेक्ट्स का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले आउटसोर्सिंग व्यवस्था में कर्मचारियों के साथ शोषण होता था, जिसे खत्म करने के लिए अब एक कॉरपोरेशन बनाया गया है। उनका दावा था कि नई व्यवस्था में पारदर्शिता लाई गई है और अब नियुक्तियों में सिफारिश या धन के लेनदेन की कोई गुंजाइश नहीं है।
उन्होंने यह भी बताया कि पिछले कुछ वर्षों से आंगनबाड़ी सेवाओं को डिजिटल बनाने पर जोर दिया जा रहा है। हर कार्यकर्ता तक स्मार्टफोन पहुंचाने का उद्देश्य यही है कि उनके काम का डेटा समय पर उपलब्ध हो सके और योजनाओं की प्रगति की निगरानी बेहतर ढंग से की जा सके।
नई शिक्षा नीति का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अब आंगनबाड़ी केंद्रों की जिम्मेदारी और बढ़ने वाली है। 3 से 5 वर्ष तक के बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा भी इन केंद्रों के माध्यम से दी जाएगी, जिसके लिए बुनियादी ढांचे को विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे इस जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा से निभाएं, क्योंकि यह देश के भविष्य को मजबूत करने से जुड़ा हुआ है।
कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री बेबीरानी मौर्य ने भी विभाग की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने बताया कि बड़ी संख्या में लाभार्थियों तक पोषण सामग्री पहुंचाई जा रही है और बच्चों में कुपोषण के स्तर में कमी आई है। साथ ही, हजारों नई भर्तियां और प्रमोशन भी किए गए हैं, जिससे आंगनबाड़ी सेवाओं को और मजबूती मिली है।