मुंबई। सोमवार को बुलियन बाजार में सोने और चांदी के भाव में गिरावट दर्ज की गई। चांदी की कीमत 1,040 रुपये गिरकर 2.27 लाख रुपये प्रति किलो पर पहुँच गई, जबकि सोने का भाव 1,050 रुपये घटकर 1.46 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया।

वैश्विक बाजार का हाल
वैश्विक बाजार में भी सोने की कीमतों में गिरावट देखने को मिली। बढ़ती ऊर्जा कीमतों ने महंगाई की चिंताओं को बढ़ा दिया, जिससे अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर में कटौती की उम्मीदें कमजोर हुईं। इसका असर निवेशकों के सोने से हटने की प्रवृत्ति में दिखाई दिया।

सोने का स्पॉट भाव 0.6% गिरकर 4,466.99 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ। अप्रैल डिलीवरी के लिए अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स 0.6% गिरकर 4,496.30 डॉलर प्रति औंस रहे। स्पॉट सिल्वर 1.3% गिरकर 68.67 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।

अन्य कीमती धातुओं में प्लैटिनम 0.3% बढ़कर 1,868.11 डॉलर और पैलेडियम 1% चढ़कर 1,391 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार हुआ।

मार्च में सोने में बड़ी गिरावट
मार्च महीने में सोने के दाम 15% से अधिक टूट चुके हैं, जो अक्टूबर 2008 के बाद की सबसे बड़ी मासिक गिरावट है। विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी डॉलर की मजबूती और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव इसके मुख्य कारण हैं।

विशेषज्ञों की राय
बाजार में ब्याज दरों को लेकर धारणा में बड़ा बदलाव आया है। पहले जहां इस साल दो बार कटौती की संभावना थी, अब इसे बहुत कम माना जा रहा है। ऊंची ऊर्जा कीमतों से महंगाई बढ़ सकती है, जिससे फेड को नीतिगत ढील देना मुश्किल होगा।

आम तौर पर महंगाई बढ़ने पर सोना सुरक्षित निवेश (सेफ हेवन) के रूप में मजबूत रहता है, लेकिन उच्च ब्याज दरें इस गैर-ब्याज देने वाली धातु की मांग को कमजोर करती हैं।

कच्चे तेल में तेजी
ब्रेंट क्रूड का भाव 115 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुँच गया है। मार्च में यह करीब 60% की रिकॉर्ड बढ़त को दर्शाता है। यह तेजी यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा इस्राइल पर हमलों और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण आई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि सोने में हालिया हल्की रिकवरी ओवरसोल्ड स्थिति की प्रतिक्रिया हो सकती है, लेकिन आगे की दिशा वैश्विक घटनाओं और आर्थिक संकेतों पर निर्भर करेगी।