भदोही। संपत्ति हड़पने से जुड़े एक मामले में सपा और निषाद पार्टी के पूर्व विधायक विजय मिश्रा और उनके परिवार को एमपी-एमएलए कोर्ट ने सजा सुनाई है। अदालत ने पूर्व विधायक विजय मिश्रा, उनकी पत्नी रामलली और बेटे विष्णु मिश्रा को 10-10 साल की कैद की सजा दी है, जबकि उनकी बहू रूपा मिश्रा को 4 साल की सजा सुनाई गई है।

यह फैसला शुक्रवार को सुनाया गया। कोर्ट ने एक दिन पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया था।

इस मामले में पूर्व विधायक की पत्नी और बहू को पहली बार किसी आपराधिक प्रकरण में दोषी ठहराया गया है। वहीं परिवार के अन्य सदस्यों के लिए यह मामला कानूनी मुश्किलें और बढ़ाने वाला साबित हो रहा है।

पहले से ही बढ़ी हुई हैं मुश्किलें

पूर्व विधायक विजय मिश्रा पहले से ही कई मामलों में कानूनी कार्रवाई का सामना कर रहे हैं। इसी दौरान एक अन्य मामले में उन्हें हाल ही में आजीवन कारावास की सजा भी सुनाई गई थी। अब संपत्ति विवाद से जुड़े इस फैसले ने उनके पूरे परिवार की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।

क्या है पूरा मामला

मामले की शुरुआत कृष्णमोहन तिवारी की शिकायत से हुई थी, जो विजय मिश्रा के रिश्तेदार बताए जाते हैं। उन्होंने गोपीगंज कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि पूर्व विधायक ने 2001 से उनके भदोही स्थित पैतृक मकान पर अवैध कब्जा कर रखा है और उनकी माइनिंग फर्म पर भी जबरन नियंत्रण किया गया।

पुलिस ने मामले की जांच के बाद चार्जशीट दाखिल की, जिसमें बाद में रूपा मिश्रा का नाम भी जोड़ा गया। सुनवाई के दौरान अदालत ने सभी आरोपियों को दोषी पाया और सजा सुनाई।