हरदोई। अब किसानों के लिए फार्मर रजिस्ट्री बनवाना अनिवार्य कर दिया गया है। इस रजिस्ट्री के आधार पर ही किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM-KISAN) और कृषि विभाग की अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे। बावजूद इसके, जिले के कई किसान फार्मर रजिस्ट्री बनवाने में सक्रिय नहीं हैं।

कितने किसान हो सकते हैं वंचित
अधिकारियों के अनुसार, अगर फार्मर रजिस्ट्री नहीं बनवाई गई तो सवा तीन लाख किसान पीएम किसान योजना की 22वीं किस्त से वंचित रह सकते हैं।

जनपद में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत कुल 8,03,250 किसान पंजीकृत हैं। इनमें से अब तक 4,81,490 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री आईडी बन चुकी है, जबकि 3,21,760 किसानों की रजिस्ट्री अभी भी लंबित है।

शिविर और प्रचार अभियान
उप निदेशक कृषि सतीश पांडेय ने बताया कि किसानों की सुविधा के लिए गांव-गांव फार्मर रजिस्ट्री शिविर लगाए जा रहे हैं। यह विशेष अभियान 25 जनवरी तक चलेगा।
इसके अलावा जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रचार वाहन भी रवाना किए गए हैं, जो किसानों को फार्मर रजिस्ट्री की अनिवार्यता के बारे में जानकारी देंगे।

कृषि विभाग के अनुसार इस बार केवल उन्हीं किसानों को पीएम किसान योजना की 22वीं किस्त का लाभ मिलेगा, जिनकी फार्मर रजिस्ट्री आईडी तैयार होगी। इसके साथ ही, रजिस्ट्री वाले किसान अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ भी आसानी से उठा सकेंगे।

किसान जन सेवा केंद्र या ब्लॉक स्तरीय कृषि बीज भंडार केंद्र के माध्यम से स्वयं फार्मर रजिस्ट्री बनवा सकते हैं।

फार्मर रजिस्ट्री न होने के नुकसान:

  • पीएम किसान योजना की 22वीं किस्त नहीं मिलेगी।

  • कृषि यंत्रीकरण, खाद और बीज पर अनुदान का लाभ नहीं मिलेगा।

  • प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत फसल खराब होने पर मुआवजा नहीं मिलेगा।

  • सरकारी क्रय केंद्रों पर उपज की बिक्री नहीं कर पाएंगे।

  • अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा।

फार्मर रजिस्ट्री के फायदे:

  • पीएम किसान योजना का लाभ मिलेगा।

  • विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी अतिरिक्त सत्यापन के मिलेगा।

  • न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कृषि उत्पादों की बिक्री आसान होगी।

  • फसल नुकसान की स्थिति में वास्तविक क्षति का मुआवजा मिलेगा।