अयोध्या। श्रीराम मंदिर परिसर में धार्मिक वातावरण के बीच एक महत्वपूर्ण आयोजन संपन्न हुआ, जहां शिव मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण किया गया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच ध्वज फहराया। कार्यक्रम से पहले उन्होंने भगवान शिव की विधिवत पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
पूरा आयोजन वैदिक आचार्यों की देखरेख में पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार सम्पन्न हुआ। मंदिर परिसर के अन्य उपमंदिरों में भी ध्वजारोहण की प्रक्रिया जारी रही। जानकारी के अनुसार माता भगवती मंदिर पर साध्वी ऋतम्भरा ध्वज फहराएंगी, जबकि शेषावतार मंदिर में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य द्वारा ध्वजारोहण किया जाएगा। इस मौके पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, विश्व हिंदू परिषद सहित कई संत-महात्मा और संगठन के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कार्यक्रम शाम 4:45 बजे निर्धारित था, लेकिन अचानक मौसम में बदलाव के चलते उनकी यात्रा प्रभावित हुई। तेज हवाओं, हल्की बारिश और घने बादलों के कारण उनका हेलीकॉप्टर रामकथा पार्क में लैंड नहीं कर सका, जिसके बाद उन्हें महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, अयोध्या में उतरना पड़ा।#WATCH अयोध्या: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम जन्मभूमि मंदिर परिसर में शिव मंदिर के ऊपर 'धर्म ध्वज' फहराया। pic.twitter.com/nRdnDQe28v
— ANI_HindiNews (@AHindinews) April 29, 2026
इसके बाद मुख्यमंत्री शाम 5:17 बजे राम मंदिर परिसर पहुंचे, जहां उनका पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। उन्होंने मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना के बाद शिव मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर लगभग 1000 विशेष अतिथियों को आमंत्रित किया गया था, जिनमें आरएसएस, विहिप और भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारी व कार्यकर्ता शामिल रहे।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नेतृत्व में यह आंदोलन लगातार आगे बढ़ा और समाज में एकता का संदेश मजबूत हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि इस आंदोलन ने सामाजिक भेदभाव की दीवारों को कमजोर किया है और आज देश के विभिन्न हिस्सों में ‘जय श्री राम’ का उद्घोष एक भावना के रूप में स्थापित हो चुका है।