सुल्तानपुर। बुधवार दोपहर बाद अचानक आए तेज आंधी-तूफान और बारिश ने जिले में भारी तबाही मचा दी। अलग-अलग इलाकों में हुए हादसों में तीन मासूम बच्चों और एक महिला सहित कुल सात लोगों की मौत हो गई, जबकि आठ लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
जानकारी के अनुसार, अपराह्न करीब तीन बजे के बाद तेज हवाओं के साथ मौसम बिगड़ गया, जिससे कई जगह कच्चे और पक्के ढांचे गिर गए। बल्दीराय क्षेत्र के कस्बा माफियात में सुरेश कुमार सोनकर के घर का छप्पर गिरने से उनकी 8 वर्षीय बेटी महिमा गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसे ग्रामीणों ने बाहर निकाला, लेकिन उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
इसी तरह हलियापुर क्षेत्र के डोभियारा गांव में बम बहादुर के घर का छप्पर गिरने से उनकी पत्नी रीता (35) की मौत हो गई। वहीं बल्दीराय के सिंघनी गांव में रामबरन (65) के घर पर गूलर का पेड़ गिर गया, जिससे वह मलबे में दबकर मौके पर ही दम तोड़ बैठे, जबकि उनकी पत्नी श्यामलली (50) गंभीर रूप से घायल हो गईं और उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है।
कुड़वार क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसे में 20 वर्षीय महेंद्र तिवारी पर बिजली का खंभा गिर पड़ा, जिससे उनकी मौत हो गई। बंधुआकला क्षेत्र के दाउदपुर गांव में पेड़ की डाल गिरने से सुषमा देवी (35) गंभीर रूप से घायल हुईं, जिन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
अखंडनगर के बरामदपुर गांव में निर्माणाधीन मकान का छप्पर गिरने से तीन बच्चे सुरेमन (8), विकास (16) और किशन (11) घायल हो गए। इनमें सुरेमन की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अन्य दो का इलाज चल रहा है। इस हादसे में पशुधन को भी नुकसान हुआ और दो गाय व एक बकरी की मौत हो गई।
इसके अलावा बल्दीराय, बंधुआकला और अन्य क्षेत्रों में भी पेड़ और छप्पर गिरने की कई घटनाएं सामने आईं, जिनमें कई लोग घायल हुए हैं। अमेठी सीमा के पास भी एक बाइक सवार पर पेड़ की डाल गिरने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
लगातार तेज आंधी और बारिश के चलते पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल रहा और कई जगहों पर जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया।