ग्रेटर नोएडा: सूरजपुर कस्बे में शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें तीन साल के मासूम गगन की तीसरी मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही सूरजपुर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच में जुट गई।
परिजनों ने अस्पताल पर आरोप लगाया कि इलाज शुरू करने में देरी की वजह से बच्चे की जान नहीं बचाई जा सकी। वहीं, शारदा अस्पताल प्रशासन ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया और कहा कि बच्चे का इलाज समय पर शुरू किया गया था और डॉक्टरों ने उसकी जान बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया।
हादसे का विवरण
जानकारी के अनुसार, मृतक गगन के पिता अशोक हमीरपुर के निवासी हैं और परिवार के साथ सूरजपुर में किराए के मकान में रहते हैं। वह दिहाड़ी मजदूरी करते हैं और शुक्रवार को गगन को साथ लेकर काम पर गए थे। गगन उसी निर्माणाधीन मकान की तीसरी मंजिल पर खेल रहा था कि अचानक गिर गया।
गिरने के तुरंत बाद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। गंभीर रूप से घायल मासूम को तुरंत शारदा अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। हादसे की खबर मिलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
परिजनों और अस्पताल के बीच आरोप-प्रत्यारोप
परिजन दावा कर रहे हैं कि अस्पताल प्रशासन ने इलाज शुरू करने से पहले 28 हजार रुपये जमा करने को कहा था। उन्होंने बताया कि इलाज में रोजाना करीब 70 हजार रुपये का खर्च आने की बात भी कही गई। इस कारण करीब डेढ़ घंटे तक इलाज नहीं हो पाया। परिजनों का कहना है कि यदि समय रहते प्राथमिक उपचार मिलता तो गगन की जान बच सकती थी।
हालांकि, शारदा अस्पताल के निदेशक जनसंपर्क डॉ. अजीत कुमार ने स्पष्ट किया:
"बच्चे का समय रहते इलाज शुरू कर दिया गया था। डॉक्टरों ने पूरी कोशिश की। परिजनों से एक भी रुपये नहीं मांगे गए। उनके द्वारा लगाए गए आरोप पूरी तरह गलत हैं।"
पुलिस कार्रवाई
पुलिस ने परिजनों को शांत कर शव उनके हवाले कर दिया। पोस्टमार्टम कराने की कोशिश की गई, लेकिन परिवार ने मना कर दिया। कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार ने कहा कि अभी तक इस संबंध में कोई शिकायत दर्ज नहीं हुई है।