लखनऊ में मंगलवार को समाजवादी पार्टी मुख्यालय पर राजनीतिक हलचल देखने को मिली, जहां कई नेताओं ने सपा की सदस्यता ग्रहण की। पार्टी में शामिल होने वालों में बसपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता एमएच खान के साथ श्यामलाल निषाद, विजय कुमार लाल, अखिलेश पाठक, इशरत अली खान और नीलू सत्यार्थी शामिल रहे। सभी ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ली।
इस मौके पर समाजवादी पार्टी महिला सभा में भी बड़ा संगठनात्मक बदलाव किया गया। बलिया की रहने वाली सीमा राजभर को महिला सभा का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया।
सरकार पर अखिलेश यादव का हमला
कार्यक्रम के दौरान सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राज्य सरकार और केंद्र पर निशाना साधा। उन्होंने हाल ही में भाजपा द्वारा निकाली गई पदयात्रा पर तंज कसते हुए कहा कि तेज धूप में बिना किसी तैयारी के पदयात्रा करना केवल दिखावा है। उन्होंने यह भी कहा कि जो सरकार अपने ही विधेयक को लेकर इतनी मेहनत कर रही है, उसका भविष्य जनता तय कर चुकी है।
अखिलेश यादव ने आगे कहा कि जैसे ही भाजपा सत्ता से जाएगी, उसके दोबारा लौटने की संभावना नहीं रहेगी।
रोजगार और चायवाले का मुद्दा उठाया
उन्होंने एक चायवाले का उदाहरण देते हुए कहा कि एक युवक ने चाय बनाकर अपनी पहचान बनाने की कोशिश की, लेकिन उसकी दुकान ही बंद करा दी गई। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सरकार रोजगार देने में नाकाम है और जो लोग कुछ कर रहे हैं, उन्हें भी परेशान किया जा रहा है।
महिला आरक्षण और राजनीतिक टिप्पणी
सपा प्रमुख ने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक पहले ही पास हो चुका था, लेकिन इस बार सरकार की नीयत पर सवाल उठे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों को दरकिनार कर सरकार अपने एजेंडे को आगे बढ़ा रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि देश को इस समय आरक्षण से पहले संरक्षण की जरूरत है।
सीएम योगी के एक बयान का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने उस पर भी कटाक्ष किया और सरकार पर झूठ फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सदन में सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि जो महिला आरक्षण विधेयक पारित हुआ है, उसकी वास्तविक स्थिति क्या है।