लखनऊ। महाकुंभ के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए स्थापित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) को अभूतपूर्व साइबर खतरों का सामना करना पड़ा। आयोजन की अवधि में इस सिस्टम पर 60 लाख से अधिक साइबर हमले दर्ज किए गए, जिन्हें तैनात विशेषज्ञों ने समय रहते निष्क्रिय कर दिया। इन साइबर टीमों ने न सिर्फ डिजिटल नेटवर्क को सुरक्षित रखा, बल्कि जमीन और हवाई निगरानी के जरिए पूरे महाकुंभ की सुरक्षा में अहम योगदान दिया।
पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने बताया कि साइबर हमलों की जांच में 25 से ज्यादा देशों से जुड़े इंटरनेट प्रोटोकॉल (IP) एड्रेस सामने आए हैं, जिससे इन हमलों की गंभीरता और अंतरराष्ट्रीय स्वरूप का अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस चुनौतीपूर्ण कार्य में आईआईटी कानपुर और ट्रिपल आईटी प्रयागराज के तकनीकी विशेषज्ञों ने पुलिस के साथ मिलकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में इस उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पुलिस को स्कॉच अवार्ड से सम्मानित किया गया है।
मेरठ जोन के एडीजी भानु भास्कर ने बताया कि महाकुंभ के दौरान 56 प्रशिक्षित साइबर वॉरियर्स की टीम लगातार डिजिटल गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थी। उनकी सतर्कता से न केवल डिजिटल कुंभ की अवधारणा को सफल बनाया गया, बल्कि साइबर खतरों से आयोजन को सुरक्षित रखने में भी सफलता मिली।