इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने डांसर और गायिका सपना चौधरी को पासपोर्ट नवीनीकरण में राहत दी है। अदालत ने ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया जिसमें सपना को पासपोर्ट नवीनीकरण के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी करने से इंकार किया गया था। अब ट्रायल कोर्ट को निर्देश दिया गया है कि वह सपना चौधरी के पासपोर्ट नवीनीकरण के लिए प्रमाणपत्र जारी करे।
सपना चौधरी एक आपराधिक मामले में जमानत पर हैं। न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की एकल पीठ ने यह आदेश उनकी याचिका पर सुनाया। सपना ने ट्रायल कोर्ट के जून 2025 में दिए गए आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें पासपोर्ट नवीनीकरण के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी करने से इंकार किया गया था।
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि सपना को दी गई जमानत में उनके देश छोड़ने पर कोई प्रतिबंध नहीं है और न ही ऐसा कोई तथ्य है जिससे यह लगे कि वह पलायन का जोखिम हैं। मामला वर्ष 2018 का है, जब लखनऊ में उनके एक शो के कथित रूप से रद्द होने को लेकर आपराधिक मुकदमा दर्ज हुआ था।
सपना के वकील ने तर्क दिया कि पासपोर्ट नवीनीकरण में बाधा डालना उनके मौलिक अधिकारों का हनन है। जबकि केंद्र सरकार के वकील ने याचिका का विरोध किया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सपना का पासपोर्ट 10 वर्ष के लिए नवीनीकरण किया जाएगा और ट्रायल कोर्ट को तुरंत अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी करने का निर्देश दिया।