अयोध्या: होली से एक दिन पहले यानी 3 मार्च को पूर्ण चंद्रग्रहण लग रहा है। 4 मार्च को ही होली का त्योहार मनाया जाएगा। इस बार ग्रहण भारत में दिखाई देगा, इसलिए धार्मिक दृष्टि से सूतक काल भी मान्य होगा। चंद्रग्रहण दोपहर 3:20 बजे शुरू होकर शाम 6:47 बजे समाप्त होगा।
सूतक काल और मंदिरों में बंदी
ज्योतिषाचार्य राकेश तिवारी ने बताया कि ग्रहण के नौ घंटे पहले सूतक शुरू हो जाएगा। यानी सुबह 6:20 बजे से मंदिरों के कपाट बंद रहेंगे। इस दौरान रामलला सहित हनुमानगढ़ी, कनक भवन और रामनगरी के लगभग सभी आठ हजार मठ-मंदिरों में दर्शन नहीं होंगे। मंदिर शाम करीब 7 बजे साफ-सफाई के बाद पुनः खुलेंगे।
ग्रहण का समय और दृश्य
चंद्रमा भारत में लगभग 6:26 बजे उदय होगा। इसलिए ग्रहण का केवल अंतिम चरण ही दिखाई देगा। अधिकतम ग्रहण का समय शाम 6:33 से 6:40 बजे के बीच रहेगा। आचार्य राकेश के अनुसार ग्रहण का समय धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि इस दौरान नकारात्मक ऊर्जा बढ़ने की मान्यता है।
धार्मिक उपाय और पूजा-पाठ
ग्रहण के दौरान मंत्र जाप और धार्मिक ग्रंथों का पाठ शुभ माना गया है। आचार्य राकेश ने बताया कि इस समय “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” या महामृत्युंजय मंत्र का जाप लाभकारी है। गीता, रामायण या विष्णु सहस्रनाम का पाठ भी किया जा सकता है। ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान करें, घर में गंगाजल छिड़कें और भगवान की मूर्तियों की पूजा पुनः करें। जरूरतमंदों को दान देने से विशेष फल की प्राप्ति होती है।
विशेष ध्यान
राम मंदिर ट्रस्ट ने बताया कि सुबह 4:30 बजे की मंगला आरती में श्रद्धालु शामिल हो सकेंगे। इसके अलावा मंदिर कितने समय तक खुलेंगे, यह भीड़ की स्थिति पर निर्भर करेगा।
इस तरह अयोध्या में होली से ठीक पहले चंद्रग्रहण का धार्मिक महत्व और सूतक काल शहरवासियों के लिए ध्यान देने योग्य विषय बन गया है।