आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रभारी और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने शुक्रवार को कड़ी आलोचना की। संजय प्लेस स्थित शहीद स्मारक से “रोजगार दो, सामाजिक न्याय दो” पदयात्रा के शुभारंभ के बाद किदवई पार्क में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में नफरत का माहौल बन गया है। उनका कहना था कि प्रधानमंत्री यूपी आते हैं तो उन्हें गांव-गांव सिर्फ कब्रिस्तान दिखाई देते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा को रोजगार, शिक्षा, अस्पताल और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं की चिंता नहीं, बल्कि गांव-गांव श्मशान बनाने की फिक्र है।

संजय सिंह ने कहा, “यदि प्रदेशवासियों को शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल चाहिए तो आप की सरकार चुनें।” उन्होंने भाजपा की नीतियों पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा का दूसरा नाम ‘भारतीय झगड़ा पार्टी’ है और उनकी रणनीति है—“झगड़ा कराओ, राज करो।” उन्होंने आरोप लगाया कि धर्म और जाति के नाम पर विवाद फैलाया जा रहा है, भ्रष्टाचार चरम पर है, किसानों को समय पर खाद नहीं मिल रही और युवा रोजगार के लिए भटक रहे हैं।

सांसद ने प्रधानमंत्री मोदी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि देश में नफरत फैलाने का अंदाज़ उनकी पहचान से ही समझा जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत को दिल्ली जैसी बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था चाहिए, और अगर योगी सरकार युवाओं को रोजगार नहीं दे सकती तो उन्हें कम से कम 10,000 रुपये प्रतिमाह रोजगार भत्ता मिलना चाहिए, जिसके लिए दो घंटे सरकारी कार्यालयों में काम किया जा सकता है।

संजय सिंह ने देश में ऊर्जा संकट और गैस की किल्लत का जिक्र भी किया और कहा कि यह सरकार की विदेश नीति की नाकामी का परिणाम है। उन्होंने कहा कि लोग लाइन में खड़े हैं और प्रधानमंत्री स्वयं इसे कोविड जैसी स्थिति से जोड़ रहे हैं।

इस मौके पर प्रदेश महासचिव दिनेश पटेल, ब्रज प्रांत अध्यक्ष डॉ हृदेश चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष सभाजीत, विधायक विशेष रवि, सुरेंद्र कुमार, जिलाध्यक्ष सिद्धार्थ चतुर्वेदी, कपिल बाजपेई और महानगर अध्यक्ष दिलीप बंसल सहित कई अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।

संजय सिंह ने आम आदमी पार्टी के राज्यसभा उपनेता राघव चड्ढा की आलोचना भी की। उन्होंने कहा कि देश में आम आदमी से जुड़े मुद्दों जैसे गैस की किल्लत, पंजाब और गुजरात में अधिकारों का हनन और पश्चिम बंगाल में वोटरों के साथ धांधली पर चड्ढा संसद में बोल नहीं रहे। संजय सिंह ने कहा कि चड्ढा को पार्टी और आम आदमी के मुद्दों को उठाना चाहिए था, लेकिन वह जरूरी सवालों पर अपनी बात नहीं रख पा रहे थे। इस दौरान उन्होंने शहीद स्मारक पर माल्यार्पण भी किया।

संजय सिंह ने कहा, “हम केजरीवाल के सिपाही हैं। हमने मोदी के खिलाफ लड़ना सीखा है। हमारे कई साथी जेल गए, लेकिन हमने कभी घुटने नहीं टेके। राघव चड्ढा कई अहम मौकों पर पीछे रहे।”