गौरीगंज: कांग्रेस सांसद किशोरीलाल शर्मा ने मंगलवार को गौरीगंज स्थित केंद्रीय कांग्रेस कार्यालय में कहा कि पार्टी सभी विधानसभाओं में मजबूती के साथ चुनाव लड़ेगी। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी संगठन हर विधानसभा में सक्रिय है और राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्णय के आधार पर ही सांप्रदायिक ताकतों को रोकने की रणनीति तय होगी।

पंचायत चुनाव में जीत की उम्मीद
किशोरीलाल शर्मा ने कहा कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में अगर गड़बड़ी नहीं हुई तो कांग्रेस के सबसे अधिक प्रतिनिधि ग्राम पंचायतों में जीतेंगे। उन्होंने एसआईआर कार्यक्रम का हवाला देते हुए बताया कि बूथवार पार्टी बीएलए अनुपस्थित, शिफ्टेड और अन्य मतदाताओं की सूची (एएसडी) का सत्यापन किया जा रहा है। कई ऐसे मामले सामने आए, जहां परिवार के सदस्यों का नाम मतदाता सूची में नहीं था। संबंधित शिकायतों के आधार पर नाम सही करवाए गए।

विधानसभा चुनाव की तैयारियां
सांसद ने कहा कि अमेठी और रायबरेली में संगठन पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें कर दिशा-निर्देश जारी किए जा रहे हैं। टिकट आवंटन केवल उन्हीं को मिलेगा जिन्होंने विधानसभा में जीत हासिल की है और पार्टी के प्रति निष्ठा से काम किया है।

सरकारी नीतियों पर आलोचना
उन्होंने कहा कि सरकार पारदर्शी चुनाव कराए तो कांग्रेस जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत और ग्राम पंचायत में सबसे अधिक प्रतिनिधि जीतकर आएगी। सांसद ने कहा कि वर्तमान सरकार गरीबों के हित की अनदेखी कर रही है। कोरोना काल में बंद हुई ट्रेनें अब तक शुरू नहीं हुई हैं और एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव जिले में होना चाहिए। उन्होंने बताया कि ऊंचाहार-अमेठी-शाहगंज रेल परियोजना कांग्रेस की महत्वाकांक्षी योजना थी, लेकिन भाजपा सरकार ने 11 साल में इसे पूरा नहीं किया। उन्होंने कहा कि अगर भविष्य में उनकी सरकार बनी तो यह परियोजना पूरी की जाएगी।

जनसुनवाई और एसआईआर अभियान
किशोरीलाल शर्मा ने जनसुनवाई करते हुए लोगों की समस्याओं के निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। साथ ही एसआईआर अभियान की समीक्षा कर पात्र मतदाताओं को सूची में शामिल करने और लोगों को योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश दिए। इस दौरान जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंघल, अनिल सिंह और धर्मेंद्र शुक्ल मौजूद रहे।

कोडीन सिरप मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग
सांसद ने कहा कि प्रतिबंधित कोडीन कफ सिरप का मुद्दा संवेदनशील है और जनता के स्वास्थ्य से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि सरकार इसे राजनीतिक मुद्दा न बनाए और इसमें शामिल दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान पर भी आपत्ति जताई और कहा कि इस मामले को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।