समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार को एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि आने वाले चुनाव में जनता भाजपा को करारा जवाब देगी और उसे सत्ता से बाहर कर देगी।

अपने पोस्ट में अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए लिखा कि अच्छा है कि “असफल मुख्यमंत्री” ने बिजली संकट को लेकर किसी बाहरी साजिश का आरोप नहीं लगाया। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठकों में बिजली मंत्री की मौजूदगी रहती है या नहीं, और अगर रहती है तो उसकी तस्वीर सार्वजनिक क्यों नहीं की जाती।

अखिलेश यादव ने आगे दावा किया कि प्रदेश में बिजली व्यवस्था चरमरा गई है और सरकार अपनी नाकामी छिपाने में लगी है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा शासन में हालात ऐसे हो गए हैं कि कई जगहों पर सुरक्षा बलों की तैनाती बिजली ढांचों पर करनी पड़ रही है, जबकि जनप्रतिनिधि खुद अपनी ही सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने को मजबूर हैं।

इससे पहले मंगलवार को लखनऊ स्थित सपा कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने कानून-व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि प्रदेश में फर्जी मुठभेड़ों की घटनाओं को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं और कई परिवारों ने इन मामलों पर आपत्ति जताई है।

अखिलेश यादव ने कहा था कि सरकार अपनी छवि चमकाने के लिए सख्त कार्रवाई का दावा करती है, जबकि जमीनी स्तर पर कानून-व्यवस्था की स्थिति ठीक नहीं है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि समाज के कमजोर वर्गों को निशाना बनाया जा रहा है और कई मामलों में पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं।

सपा प्रमुख ने 2020 के हाथरस मामले का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय जो हालात बने थे, आज भी कई जगह वैसी ही स्थिति देखने को मिलती है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर जनता में असंतोष बढ़ रहा है और सरकार इसे नियंत्रित करने में असफल रही है।