रामपुर: सपा नेता आजम खान की कानूनी और प्रशासनिक मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही हैं। अब जौहर यूनिवर्सिटी का संचालन करने वाले मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट को आयकर विभाग की ओर से नोटिस जारी किया गया है। इस कार्रवाई को भाजपा विधायक आकाश सक्सेना द्वारा कुछ वर्ष पहले की गई शिकायत से जोड़कर देखा जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, भाजपा विधायक आकाश सक्सेना ने 16 मार्च 2021 को केंद्रीय गृह मंत्रालय के माध्यम से सीबीडीटी को शिकायत भेजी थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि सपा नेता आजम खान ने कथित रूप से दबाव बनाकर और प्रभाव का इस्तेमाल कर बड़ी संपत्ति अर्जित की, जिसके आधार पर जौहर यूनिवर्सिटी का निर्माण किया गया।

शिकायत में यह भी दावा किया गया था कि यूनिवर्सिटी को मिले कई बड़े दान संदिग्ध हैं, जिनमें कुछ मामलों में ऐसे व्यक्तियों द्वारा करोड़ों रुपये का योगदान दिया गया, जो आयकर दायरे में भी नहीं आते। कुल निवेश को लेकर लगभग 3000 करोड़ रुपये तक के उपयोग का आरोप भी लगाया गया था।

भाजपा विधायक ने ट्रस्ट पर यह भी आरोप लगाया था कि इसके संचालन में आजम खान के परिवार के सदस्यों की भूमिका प्रमुख है, जिससे भाई-भतीजावाद और वित्तीय अनियमितताओं की आशंका जताई गई थी। इस मामले में जांच की मांग प्रवर्तन निदेशालय और अन्य एजेंसियों से भी की गई थी, जिसके बाद एसआईटी जांच भी शुरू की गई।

इसके अलावा सितंबर 2023 में आयकर विभाग की टीम ने रामपुर पहुंचकर ट्रस्ट से जुड़ी गतिविधियों की जांच भी की थी। ईडी भी जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मामलों में आजम खान से पूछताछ कर चुकी है।

अब इसी क्रम में आयकर विभाग लखनऊ की ओर से मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट को औपचारिक नोटिस भेजा गया है। नोटिस में 23 जून को सुबह 11:30 बजे विभाग के समक्ष उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने या लिखित जवाब व दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया है।

विभाग ने यह भी विकल्प दिया है कि ट्रस्ट चाहे तो ई-फाइलिंग पोर्टल के माध्यम से निर्धारित तिथि से पहले अपना जवाब ऑनलाइन भी जमा कर सकता है, जिससे व्यक्तिगत उपस्थिति अनिवार्य नहीं होगी।