मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश की छवि में बड़ा बदलाव आया है। अब प्रदेश में युवाओं को सिफारिश या रिश्वत के आधार पर नहीं, बल्कि उनकी योग्यता और क्षमता के अनुसार सरकारी नौकरी दी जा रही है।

सीएम योगी मंगलवार को गोमती नगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के जुपिटर हॉल में आयोजित कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश पुलिस दूरसंचार विभाग के लिए चयनित प्रधान परिचालकों को नियुक्ति पत्र वितरित करने के बाद संबोधित कर रहे थे।

पुलिस प्रशिक्षण क्षमता में बड़ा विस्तार

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में पुलिस प्रशिक्षण की क्षमता केवल लगभग 3,000 जवानों तक सीमित थी। लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है और अब तक 60,000 से अधिक पुलिसकर्मियों को प्रदेश के अपने प्रशिक्षण केंद्रों में प्रशिक्षित किया जा चुका है।

उन्होंने कहा कि यह बदलाव दिखाता है कि यदि इच्छाशक्ति मजबूत हो और नीयत साफ हो, तो बड़े से बड़े लक्ष्य भी हासिल किए जा सकते हैं।

पारदर्शिता और सुधार पर जोर

सीएम योगी ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि सरकार का फोकस व्यवस्था को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने पर है, जिससे युवाओं को बिना किसी भेदभाव के अवसर मिल सकें और प्रशासनिक ढांचे को मजबूत किया जा सके।