राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए राज्य में “जंगलराज” जैसे हालात होने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई भी जाति देखकर की जा रही है।
मौर्य ने हरदोई जिले के मल्लावां क्षेत्र में हुई एक युवती की हत्या का उल्लेख करते हुए कहा कि पीड़िता ने पहले ही मामले में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन पुलिस स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि थाना प्रभारी और जिले के पुलिस अधिकारियों की लापरवाही के चलते यह दर्दनाक घटना हुई।
पूर्व मंत्री ने यह भी दावा किया कि जब उनकी पार्टी के कार्यकर्ता पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे तो उनके खिलाफ कार्रवाई कर दी गई और उन्हें जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई जिलों में हालात बेहद खराब हैं, लेकिन प्रशासन और पुलिस गंभीरता नहीं दिखा रही।
स्वामी प्रसाद मौर्य ने आरोप लगाया कि अधिकांश मामलों में कार्रवाई का पैमाना समान नहीं है। उनके अनुसार, यदि आरोपी किसी विशेष वर्ग से होता है तो कार्रवाई में ढिलाई दिखाई जाती है, जबकि अन्य मामलों में तुरंत सख्त कदम उठाए जाते हैं।
उन्होंने कौशांबी, देवरिया, कानपुर, हरदोई और गाजीपुर में हाल ही में हुई महिलाओं की हत्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि इन घटनाओं ने प्रदेश की कानून व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।