कानपुर में लखनऊ की कोचिंग मंडी में हुए भीषण अग्निकांड के बाद 15 छात्रों की मौत ने प्रशासन को सतर्क कर दिया है। इसके बाद कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) ने शहर में अवैध और नियमों के विपरीत चल रहे कोचिंग संस्थानों व व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है।

केडीए उपाध्यक्ष अंकुर कौशिक के निर्देश पर प्रवर्तन दस्ते ने सोमवार शाम अभियान चलाया। इस दौरान भवन नक्शे के विपरीत बने और बेसमेंट में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों को देखते हुए कई कोचिंग सेंटर और प्रतिष्ठानों को सील कर दिया गया।

करीब तीन घंटे चली कार्रवाई में कुल 16 प्रतिष्ठानों को सील किया गया, जबकि 22 अन्य को चिह्नित कर नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि मंगलवार को भी अभियान जारी रहेगा और आगे और सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी।

केडीए अधिकारियों के अनुसार, हाल ही में दिल्ली और अन्य शहरों में हुए अग्निकांडों के बाद बेसमेंट के उपयोग को लेकर गंभीरता से जांच की जा रही है। प्रारंभिक सर्वे में यह भी सामने आया है कि शहर में लगभग तीन हजार बेसमेंट ऐसे हैं, जिनका उपयोग पार्किंग या स्टोर के बजाय व्यावसायिक गतिविधियों में किया जा रहा है।

सूत्रों के मुताबिक, जेके मंदिर लाजपत नगर से लेकर मरियमपुर चौराहा और जीटी रोड पर गुमटी क्रॉसिंग से ब्रह्मनगर तक 80 से अधिक बेसमेंट में रेस्टोरेंट, कोचिंग सेंटर, लाइब्रेरी और लैब जैसी गतिविधियां संचालित हो रही हैं।

काकादेव क्षेत्र में भी कई प्रमुख कोचिंग संस्थानों पर कार्रवाई की गई, जिनमें विद्यापीठ, फिजिक्स वाला, संजीव राठौर कोचिंग और अन्य वर्कस्पेस शामिल हैं। इस दौरान जोनवार टीमों ने अलग-अलग क्षेत्रों में कार्रवाई को अंजाम दिया।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नियमों के विरुद्ध चल रहे सभी प्रतिष्ठानों पर आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।