लखनऊ: राजधानी के अलीगंज इलाके में हुए भीषण अग्निकांड के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। अलीगढ़ के दौरे पर गए मुख्यमंत्री ने घटना की सूचना मिलते ही अपना कार्यक्रम बीच में छोड़ दिया और तुरंत लखनऊ लौट आए। यहां पहुंचने के बाद उन्होंने सीधे घटनास्थल का निरीक्षण किया और राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि हादसे के कारणों की गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही उन्होंने मृतक छात्रों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।
घटनास्थल के निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) पहुंचे, जहां उन्होंने भर्ती घायलों और उनके परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने घायलों का हालचाल जाना और अस्पताल प्रशासन को बेहतर से बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। केजीएमयू की कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने मुख्यमंत्री को घायलों की स्वास्थ्य स्थिति और उपचार की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को सांत्वना देते हुए कहा कि सरकार इस दुख की घड़ी में उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि खोई हुई जिंदगियां वापस नहीं लाई जा सकतीं, लेकिन दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
इस दौरान उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, भाजपा प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह, विधायक नीरज बोरा, अपर मुख्य सचिव गृह संजय प्रसाद, डीजीपी राजीव कृष्ण, अपर मुख्य सचिव चिकित्सा अमित कुमार घोष, डीजी फायर सर्विस सुजीत पांडेय सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने रद्द किए सभी कार्यक्रम
अग्निकांड की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार के अपने सभी आधिकारिक कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं। उन्हें हाथरस में 548 करोड़ रुपये की 143 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करना था। इसके अलावा आगरा में विकास कार्यों और कानून-व्यवस्था की समीक्षा बैठक भी प्रस्तावित थी।
आग की चपेट में आए छात्र, 15 की मौत
अलीगंज स्थित बहुमंजिला इमारत में लगी आग में कोचिंग और एनीमेशन कोर्स कर रहे 15 छात्रों की दर्दनाक मौत हो गई। कई छात्र गंभीर रूप से झुलस गए, जबकि जान बचाने के लिए ऊपरी मंजिलों से कूदने वाले नौ छात्र घायल हो गए हैं, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।
प्राथमिक जांच में शॉर्ट सर्किट या एयर कंडीशनर के कंप्रेसर में विस्फोट को आग लगने की संभावित वजह माना जा रहा है। हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वास्तविक कारणों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।
जानकारी के अनुसार, इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर पेट शॉप संचालित होती थी, जबकि पहली मंजिल पर उसका वेयरहाउस था। दूसरी मंजिल पर थ्री-डी एनीमेशन ट्रेनिंग सेंटर और गेमिंग जोन के साथ स्कूली छात्रों की कोचिंग चलती थी।
दोपहर करीब ढाई बजे वेयरहाउस में अचानक आग लगने के बाद देखते ही देखते लपटों ने पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। ऊपरी मंजिलों पर मौजूद छात्र बाहर नहीं निकल सके और कई लोग अंदर ही फंस गए।
सूचना मिलने पर पुलिस, दमकल विभाग और एसडीआरएफ की टीमों ने संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। करीब दो घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन में 15 शव बाहर निकाले गए, जबकि कई घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। देर शाम तक मौके पर राहत और बचाव कार्य जारी रहा।