मुजफ्फरनगर। चरथावल थाना क्षेत्र की एक महिला ने अपने पति और ससुराल पक्ष के लोगों पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने और घर से निकालने का आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि विवाह के कुछ समय बाद से ही उससे अतिरिक्त दहेज में कार की मांग की जाने लगी थी। मांग पूरी नहीं होने पर उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया तथा करीब आठ महीने पहले उसकी मासूम बेटी सहित घर से निकाल दिया गया।


पीड़िता गुलफशा ने थाना चरथावल में दी गई तहरीर में बताया कि उसका निकाह करीब तीन वर्ष पहले सिखेड़ा थाना क्षेत्र के भंडूरा गांव निवासी सलमान के साथ मुस्लिम रीति-रिवाज से हुआ था। विवाह के समय उसके परिजनों ने अपनी आर्थिक क्षमता के अनुसार दहेज दिया था, लेकिन कुछ समय बाद ही ससुराल पक्ष की ओर से कार की मांग शुरू कर दी गई।

महिला का आरोप है कि जब उसके मायके पक्ष ने कार देने में असमर्थता जताई, तो पति समेत सास, ससुर और ननद ने उसके साथ दुर्व्यवहार करना शुरू कर दिया। आए दिन उसे ताने दिए जाते थे और कई बार मारपीट भी की गई। इससे उसका वैवाहिक जीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया।

गुलफशा के अनुसार, करीब आठ महीने पहले ससुराल पक्ष ने उसके साथ मारपीट की और उसे उसकी छोटी बेटी के साथ घर से बाहर निकाल दिया। तब से वह अपने मायके में रह रही है। उसने बताया कि परिवार और समाज के लोगों की मौजूदगी में कई बार समझौते की कोशिश की गई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका।


आखिरकार पीड़िता ने पुलिस की शरण लेते हुए पति और अन्य ससुराल पक्ष के लोगों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न तथा मारपीट के आरोप में मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

वहीं, पुलिस का कहना है कि मामले में तहरीर प्राप्त हो चुकी है। आरोपों की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।