मैनपुरी। कुर्रा क्षेत्र के गांव सेहा खुर्द में एक 50 वर्षीय किसान की संदिग्ध परिस्थितियों में आग से जलकर मौत के एक दिन बाद, उसके स्वजन ने शव का अंतिम संस्कार करने से इंकार कर दिया और मुआवजे की मांग करने लगे। हंगामे की सूचना मिलते ही एएसपी ग्रामीण, तहसीलदार और करहल पुलिस बल मौके पर पहुंचे और दो घंटे तक उन्हें समझाने का प्रयास किया।

किसानी में संदिग्ध हादसा
सूत्रों के अनुसार, मृतक बैंचेलाल रविवार रात अपने घर पर खाना खाने के बाद खेत में फसल में पानी देने गए थे। सोमवार सुबह करीब साढ़े दस बजे उनका जला हुआ शव खेत की मेड़ पर अलाव के पास पाया गया। मृतक के पुत्र राघवेंद्र ने हत्या कर साक्ष्य मिटाने और शव को जलाने की आशंका जताई। पुलिस ने देर शाम पोस्टमार्टम कर शव स्वजन के सुपुर्द कर दिया।

स्वजन ने किया हंगामा
मंगलवार सुबह गांव में भारतीय कश्यप सेना संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रताप सिंह खालसा और मृतक के परिजन प्रशासन से मुआवजे की मांग करने पहुंचे। उन्होंने शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया और हंगामा शुरू कर दिया।

मुआवजा और भूमि पट्टा मिलने के बाद हुआ अंतिम संस्कार
हंगामे के बाद एएसपी ग्रामीण राहुल मिठास, तहसीलदार किशनी घासीराम, सीओ करहल अजय सिंह चौहान और अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए। स्वजन ने तब तक धरना जारी रखने की चेतावनी दी जब तक चार लाख रुपये मुआवजा और पांच बीघा कृषि भूमि का पट्टा नहीं मिल जाता।

लगभग दो घंटे की बातचीत और उच्चाधिकारियों की संस्तुति के बाद, प्रशासन ने दैवीय आपदा के तहत चार लाख रुपये का मुआवजा और पांच बीघा भूमि का पट्टा स्वजन को सौंपा। इसके बाद दोपहर करीब सवा बारह बजे मृतक बैंचेलाल का अंतिम संस्कार किया गया।