मथुरा में यमुना नदी में हुए नाव हादसे के बाद लापता श्रद्धालुओं की तलाश लगातार जारी है। पैंटून पुल के पीपे से टकराकर पलटी मोटरबोट में सवार सात श्रद्धालुओं का अभी तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। देर रात तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद शनिवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे से एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें एक बार फिर सर्च अभियान में जुट गईं।
सुबह से ही लगभग 20 मोटरबोटों के साथ गोताखोर यमुना के करीब 10 किलोमीटर के दायरे में तलाशी अभियान चला रहे हैं, लेकिन अब तक किसी का पता नहीं चल सका है। प्रशासन की ओर से फिलहाल पांच लोगों के लापता होने की पुष्टि की गई है, हालांकि मौके पर पहुंचे परिजन और अन्य श्रद्धालुओं के अनुसार यह संख्या सात बताई जा रही है।
जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार दोपहर पंजाब के लुधियाना से आए श्रद्धालुओं का एक समूह वृंदावन के केशीघाट से यमुना पार कर देवराहा बाबा की समाधि स्थल पर दर्शन के लिए जा रहा था। इसी दौरान पैंटून पुल जोड़ने की प्रक्रिया के बीच तेज बहाव में पुल का एक पीपा मोटरबोट से टकरा गया, जिससे नाव पलट गई। हादसे में 37 से अधिक श्रद्धालु नदी में गिर गए, जिनमें से 22 लोगों को तत्काल बचा लिया गया था।
रेस्क्यू टीमों ने अब तक 10 श्रद्धालुओं के शव बरामद कर लिए हैं, जबकि सात लोग अभी भी लापता हैं। मौके पर परिजन यमुना किनारे अपनों के मिलने की उम्मीद में डटे हुए हैं। एसपी देहात सुरेश चंद्र रावत और एडीएम वित्त डॉ. पंकज वर्मा की निगरानी में राहत एवं बचाव कार्य जारी है।
देर रात पोस्टमार्टम के बाद मृतकों के शव पंजाब के लिए रवाना कर दिए गए। लुधियाना के श्रद्धालुओं के शव सुबह उनके घर पहुंच गए, जबकि जगराओं के मृतकों के शव दोपहर तक पहुंचने की संभावना है। जिला प्रशासन ने मामले की जांच एडीएम वित्त डॉ. पंकज वर्मा को सौंपी है।