मथुरा के सराफा बाजार में इन दिनों असामान्य खामोशी देखने को मिल रही है। चांदी के दामों में लगातार हो रही तेज बढ़ोतरी के बीच अब चांदी लेकर कुछ कारोबारियों के लापता होने से व्यापार पर गहरा असर पड़ा है। बाजार में विश्वास की कमी के चलते लेनदेन लगभग ठहर सा गया है। अब तक करीब 2300 किलो चांदी, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 70 करोड़ रुपये बताई जा रही है, के बाजार से बाहर चले जाने की बात सामने आई है। इस पूरे मामले को लेकर पुलिस भी सक्रिय है और संदिग्ध रूप से गायब कारोबारियों की तलाश की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, दो व्यापारियों के करीब 1500 किलो चांदी लेकर अचानक गायब होने के बाद एक अन्य कारोबारी द्वारा 800 किलो चांदी के गबन की शिकायत सामने आई थी। इन घटनाओं के उजागर होने के बाद कुछ और व्यापारी भी सामने आए हैं, जिनका कहना है कि उनकी चांदी बाजार से जुड़े कुछ लोगों के पास फंसी हुई है। न तो चांदी लौटाई जा रही है और न ही उसके बदले भुगतान की कोई संभावना नजर आ रही है। इसी वजह से चौक सराफा बाजार में दिन के समय भी सन्नाटा पसरा हुआ है।
सहालग का दौर होने के बावजूद कारोबार में तेजी नहीं आ सकी है। व्यापारियों का कहना है कि गबन की घटनाओं के बाद चांदी का लेनदेन करना जोखिम भरा हो गया है। इसका असर यह हुआ है कि न तो नया माल तैयार हो पा रहा है और जो तैयार माल है, उसकी बिक्री भी ठप पड़ी है। कई कारीगरों और कारखानों में काम लगभग बंद होने की स्थिति बन गई है।
उधर, पुलिस और सर्विलांस टीमें लगातार लापता कारोबारियों की लोकेशन खंगालने में जुटी हुई हैं। उनके मोबाइल नंबरों को निगरानी में लिया गया है और संभावित ठिकानों की जांच की जा रही है। हालांकि, अब तक किसी भी मामले में औपचारिक रूप से एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। बाजार के कारोबारी पूरे घटनाक्रम को लेकर चिंतित हैं और हालात जल्द सामान्य होने की उम्मीद जता रहे हैं।