मेरठ/अलीगढ़: अलीगढ़ के बहुचर्चित हत्या मामले में वांछित चल रहे एक लाख रुपये के इनामी अपराधी जुबैर को एसटीएफ ने बुधवार तड़के मेरठ के लोहियानगर क्षेत्र स्थित अलीपुर में हुए एनकाउंटर में मार गिराया। जुबैर कुख्यात मुनीर गैंग से जुड़ा बताया जाता है और उस पर हत्या, लूट और डकैती सहित कई गंभीर मामलों में दो दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज थे।

पुलिस के अनुसार, एसटीएफ की टीम को सूचना मिली थी कि जुबैर अलीपुर क्षेत्र में छिपा हुआ है। घेराबंदी के दौरान जब टीम ने उसे पकड़ने की कोशिश की तो उसने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौके से एक बाइक, 32 बोर की दो पिस्टल, भारी मात्रा में कारतूस और खोखे बरामद किए गए हैं।

लंबा आपराधिक रिकॉर्ड

जुबैर का आपराधिक इतिहास काफी लंबा बताया जाता है। वह मुनीर गैंग का सक्रिय सदस्य था और उसके खिलाफ अलीगढ़ और दिल्ली के विभिन्न थानों में हत्या, लूट, डकैती, हत्या के प्रयास और एनडीपीएस एक्ट से जुड़े कई मामले दर्ज थे।

अलीगढ़ हत्या केस में था वांछित

जुबैर पर 24 दिसंबर 2025 को अलीगढ़ के थाना सिविल लाइन क्षेत्र में एएमयू शिक्षक राव दानिश हिलाल की गोली मारकर हत्या करने का आरोप था। इस मामले में पुलिस ने उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। वारदात के बाद से वह फरार चल रहा था और लगातार पुलिस की पकड़ से बचता रहा।

कई राज्यों में दर्ज थे केस

सूत्रों के अनुसार, जुबैर सिर्फ उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि दिल्ली के भी कई थानों में दर्ज गंभीर मामलों में वांछित था। पुलिस उसकी लंबे समय से तलाश कर रही थी।

लगातार वारदातों से जुड़ा नाम

जुबैर, जो मूल रूप से अलीगढ़ के नौशा गांव का निवासी था और हाल में दिल्ली के शाहीन बाग में रह रहा था, एक संगठित अपराधी नेटवर्क का हिस्सा माना जाता था। उस पर संगठित तरीके से हत्या और लूट जैसी कई वारदातों में शामिल होने के आरोप थे।

दानिश हिलाल हत्याकांड में मुख्य आरोपी

अलीगढ़ पुलिस विशेष रूप से दिसंबर 2025 में हुए राव दानिश हिलाल हत्याकांड की जांच कर रही थी। आरोप है कि जुबैर ने अपने साथियों के साथ मिलकर अलीगढ़ के अमीर निशा मार्ग पर दानिश की गोली मारकर हत्या की थी। इस घटना के बाद से ही वह फरार चल रहा था और पुलिस ने उस पर इनाम घोषित किया था।