मेरठ। सरधना तहसील में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़े नोटिसों की सुनवाई में लापरवाही बरतने का मामला सामने आने के बाद खंड शिक्षा अधिकारी श्याम मोहन अस्थाना के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई। सोमवार को पुलिस उन्हें थाने ले गई, जहां उन्हें करीब छह घंटे तक रोके रखा गया। यह कदम एसडीएम उदित नारायण सेंगर की शिकायत के आधार पर उठाया गया। बाद में तबीयत बिगड़ने पर उन्हें पीएल शर्मा जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।

एसडीएम उदित नारायण सेंगर ने बताया कि खंड शिक्षा अधिकारी को एसआईआर से जुड़े मामलों की समय पर सुनवाई कर रिपोर्ट प्रस्तुत करनी थी, लेकिन उन्होंने न तो यह जिम्मेदारी निभाई और न ही अपनी गैरहाजिरी की कोई सूचना उच्चाधिकारियों को दी। वह शनिवार से बिना किसी अनुमति या अवकाश स्वीकृति के ड्यूटी से अनुपस्थित थे, जबकि उन्हें तहसील सभागार में मतदाताओं से संबंधित नोटिसों की सुनवाई का कार्य सौंपा गया था।

इस लापरवाही को सरकारी काम में बाधा और अनुशासनहीनता मानते हुए एसडीएम ने पुलिस को सूचना दी। दोपहर करीब एक बजे पुलिस उन्हें थाने लेकर पहुंची। शाम को उनका चिकित्सकीय परीक्षण सीएचसी पर कराया गया, जिसके बाद तबीयत खराब होने की बात सामने आने पर उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।

फिलहाल एसआईआर नोटिसों की सुनवाई का जिम्मा नायब तहसीलदार भूपेंद्र कुमार को सौंपा गया है। इस मामले में बेसिक शिक्षा अधिकारी को भी पत्र भेजकर विभागीय कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, खंड शिक्षा अधिकारी श्याम मोहन अस्थाना ने अपनी अनुपस्थिति का कारण स्वास्थ्य खराब होना बताते हुए अवकाश पर होने की बात कही है।

जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह ने बताया कि श्याम मोहन अस्थाना को सरधना तहसील क्षेत्र में एसआईआर के लिए अतिरिक्त निर्वाचन अधिकारी नियुक्त किया गया था, लेकिन वह न तो बीएलओ से समन्वय कर रहे थे और न ही नोटिसों का निस्तारण। लगातार गैरहाजिर रहने के चलते बीएसए को उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।