मेरठ समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में होमगार्ड भर्ती परीक्षा शुक्रवार से शुरू हो गई है। यह परीक्षा 25 से 27 अप्रैल तक अलग-अलग केंद्रों पर आयोजित की जा रही है। अकेले मेरठ में 43 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां करीब 1.20 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं। प्रशासन ने परीक्षा को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से कराने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था लागू की है।
दो शिफ्टों में परीक्षा का आयोजन
जिला होमगार्ड कमांडेंट सिद्धार्थ चौधरी के अनुसार परीक्षा तीन दिनों तक दो पालियों में कराई जा रही है। पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक चल रही है। प्रत्येक पाली में लगभग 20,064 उम्मीदवार परीक्षा दे रहे हैं।
सख्त जांच के बाद मिला प्रवेश
परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों को निर्धारित समय से एक घंटे पहले प्रवेश दिया गया। एंट्री से पहले सभी की गहन तलाशी ली गई और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट, घड़ी, पगड़ी सहित संदिग्ध वस्तुओं पर पूरी तरह रोक लगाई गई है। सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है, जबकि पुलिस कंट्रोल रूम से पूरी परीक्षा प्रक्रिया पर नजर रखी जा रही है।
यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान
एसपी ट्रैफिक राजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि परीक्षा के दौरान केंद्रों के आसपास यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है, ताकि अभ्यर्थियों को किसी तरह की परेशानी न हो।
अन्य जिलों में भी कड़ी निगरानी
बागपत और सहारनपुर समेत अन्य जिलों में भी परीक्षा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था सख्त रही। बागपत में बड़ौत और खेकड़ा के केंद्रों पर सघन चेकिंग के बाद ही अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया गया। वहीं सहारनपुर में 24 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा कराई जा रही है।
सहारनपुर में एसएसपी अभिनंदन सिंह ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों और ट्रेजरी का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने प्रश्नपत्रों की सुरक्षा, सीसीटीवी निगरानी, प्रवेश चेकिंग और पुलिस तैनाती की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को पारदर्शिता और सतर्कता बनाए रखने के निर्देश दिए।