मेरठ के चर्चित नीला ड्रम हत्याकांड में जिला न्यायालय में चल रही सुनवाई के दौरान कई अहम पहलू सामने आए हैं। तीसरे चरण की अंतिम बहस में अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि मृतक सौरभ को पहले से ही अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर आशंका थी। इसी बहस में यह भी दावा किया गया कि घटना की रात एक प्रत्यक्षदर्शी ने आरोपी साहिल शुक्ला को सौरभ के घर की ओर जाते हुए देखा था।

अदालत में पेश हुए अहम साक्ष्य

जिला जज अरविंद मिश्रा की अदालत में बृहस्पतिवार को तीसरे चरण की अंतिम बहस पूरी की गई। इस दौरान जिला शासकीय अधिवक्ता ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों को विस्तार से अदालत के सामने रखा। अभियोजन पक्ष ने विभिन्न गवाहियों को जोड़कर घटनाक्रम और आरोपियों की भूमिका को स्पष्ट करने की कोशिश की।

मां के बयान से मिला महत्वपूर्ण आधार

अभियोजन के अनुसार, मृतक सौरभ की मां रेणू ने अपने बयान में कहा था कि उनके बेटे ने पहले ही बताया था कि उसकी पत्नी मुस्कान और साहिल शुक्ला के बीच संबंध हैं। साथ ही सौरभ ने यह भी आशंका जताई थी कि दोनों उसे नुकसान पहुंचा सकते हैं। अभियोजन पक्ष ने इस बयान को मामले की महत्वपूर्ण कड़ी बताया।

दोस्त की गवाही ने बढ़ाया मामला

मामले में गवाह सौरभ कुमार ने अदालत को बताया कि वह मृतक का करीबी मित्र है। उसके अनुसार, घटना वाली रात उसने साहिल शुक्ला को सौरभ और मुस्कान के घर की ओर जाते हुए देखा था। बाद में उसे सौरभ की हत्या की जानकारी मिली। अभियोजन ने इस गवाही को अपने पक्ष की मजबूती के रूप में प्रस्तुत किया।

चौथे चरण की अंतिम बहस आज

इस मामले में अब चौथे चरण की अंतिम बहस शुक्रवार को होगी। इसके बाद अदालत दोनों पक्षों की दलीलों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया पर विचार करेगी। यह केस मेरठ के चर्चित मामलों में शामिल रहा है और इस पर लगातार लोगों की नजर बनी हुई है।

शासकीय अधिवक्ताओं की बैठक

इसी बीच जिला न्यायालय परिसर में आयोजित एक बैठक में शासकीय अधिवक्ताओं ने मानदेय बढ़ाए जाने पर मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। बैठक की अध्यक्षता जिला शासकीय अधिवक्ता कृष्ण कुमार चौबे ने की। अधिवक्ताओं ने बताया कि वे लंबे समय से मानदेय वृद्धि की मांग कर रहे थे। बैठक में कई शासकीय अधिवक्ता उपस्थित रहे।