नई दिल्ली। केंद्रीय बजट 2026–27 में हस्तिनापुर की ऐतिहासिक विरासत को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्थापित करने के लिए बड़ी पहल की गई है। केंद्र सरकार ने देश के 15 महत्वपूर्ण पुरातात्विक स्थलों की सूची में हस्तिनापुर को फिर से शामिल किया है। इसके तहत यहां चल रहे और पुराने उत्खनन क्षेत्रों को आम लोगों के लिए खोला जाएगा। साथ ही पर्यटकों और शोधकर्ताओं की जानकारी के लिए आधुनिक इंटरप्रिटेशन सेंटर भी विकसित किए जाएंगे।

महाभारत काल की राजधानी को नई पहचान

पांडवों की राजधानी रही हस्तिनापुर भारतीय सभ्यता की अनमोल धरोहर मानी जाती है। बजट में की गई यह घोषणा इस ऐतिहासिक नगर के संरक्षण और प्रचार की दिशा में बड़ा कदम है। विशेषज्ञों का कहना है कि उत्खनन स्थलों को आम जनता के लिए उपलब्ध कराने से लोग प्राचीन भारतीय संस्कृति और इतिहास को प्रत्यक्ष रूप से समझ सकेंगे।

इंटरप्रिटेशन सेंटर से बढ़ेगा ज्ञान और पर्यटन

प्रस्तावित इंटरप्रिटेशन सेंटर में हस्तिनापुर के इतिहास, पुरातात्विक खोजों और सांस्कृतिक महत्व को डिजिटल व दृश्य माध्यमों से प्रदर्शित किया जाएगा। इससे न केवल पर्यटकों को बेहतर जानकारी मिलेगी, बल्कि छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए यह स्थान एक अध्ययन केंद्र के रूप में भी विकसित होगा।

स्थानीय लोगों को मिलेगा आर्थिक लाभ

सरकार की इस योजना से इलाके में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, जिससे होटल, गाइड सेवा, परिवहन और हस्तशिल्प जैसे क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि इससे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।

विरासत के संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम

कुल मिलाकर, बजट 2026–27 में हस्तिनापुर के लिए घोषित यह योजना उसके ऐतिहासिक गौरव को नई ऊर्जा देने वाली साबित हो सकती है। यदि इसे प्रभावी ढंग से लागू किया गया, तो आने वाले समय में हस्तिनापुर देश के प्रमुख सांस्कृतिक और पर्यटन स्थलों में शुमार हो सकता है।