मेरठ। गंगानगर थानाक्षेत्र में धनपुर निवासी 36 वर्षीय नैन सिंह का शव शनिवार को उनके कमरे में मिला। सिर में गोली लगने से उनकी मौत हुई। वारदात के समय घर में सिर्फ नैन सिंह और छोटे भाई की पत्नी प्रियंका मौजूद थीं। प्रियंका के अनुसार, रात करीब दो बजे उन्हें बक्सा गिरने जैसी आवाज सुनाई दी, लेकिन बाहर देखने पर कुछ नहीं दिखा और वह फिर से सो गई।

परिवार और हालात

नैन सिंह की पत्नी कोमल विवाद के चलते पिछले दो साल से अलग रह रही थीं। उनके दो बच्चे – 12 वर्षीय यशिका और 7 वर्षीय आयुष – तीन दिन पहले पिता के साथ फाजलपुर में अपने नाना के घर भेजे गए थे। छोटे भाई प्रदीप बीएसएफ में जैसलमेर में तैनात हैं, जबकि छोटा बेटा जोनी मोदीनगर में मजदूरी करता है। माता विमला उस समय शादीशुदा बेटी अंजू से मिलने गई थीं। पिता गरीब सिंह खेत में काम पर गए थे।

घटनास्थल का हाल

साढ़े बारह घंटे तक नैन सिंह का शव कमरे में पड़ा रहा। प्रियंका ने बच्चों को बाहर बुलाकर शव दिखाया। सीओ सदर देहात सुधीर सिंह ने बताया कि सिर में .315 बोर की गोली लगी है। पुलिस आरोपी महेश और उसकी पत्नी से पूछताछ कर रही है और जल्द ही मामले का खुलासा होने की संभावना है।

बीएसएफ में भर्ती और पारिवारिक विवरण

नैन सिंह सन 2012 में बीएसएफ में भर्ती हुए थे। 2013 में उनकी शादी कोमल से हुई थी। दोनों के दो बच्चे हैं। विवादों के कारण कोमल बच्चों को छोड़कर अलग रह रही थीं। छोटे भाई प्रदीप भी बीएसएफ में हैं और जोनी मजदूरी करता है।

पड़ोसियों से विवाद

गरीब सिंह के अनुसार, पड़ोसी महेश और उसके बेटे खनन का काम करते हैं और उनका कई बार जमीन के रास्ते पर विवाद हुआ। होली पर महेश परिवार ने उनके घर पर पत्थर फेंके और फायरिंग की थी। उसी दौरान महेश के बेटे ने गोली मारने की धमकी दी थी।

गरीब सिंह ने आरोप लगाया कि जब उनका बेटा जोनी पुलिस से शिकायत देने गया था, तो एसआई ने गाली और थप्पड़ मारकर उसे भगा दिया। उनका कहना है कि अगर पुलिस कार्रवाई करती तो नैन सिंह आज जीवित होते।

पुलिस की कार्रवाई

पुलिस ने नैन सिंह का मोबाइल और अन्य सामान कब्जे में लिया है। जांच के दौरान मोबाइल लोकेशन और वारदात से जुड़े अन्य बिंदुओं पर फोरेंसिक जांच की जा रही है। पुलिस पड़ोसियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई करने की योजना बना रही है।