मेरठ: जिले में घरेलू गैस की पर्याप्त उपलब्धता के प्रशासनिक दावों के बावजूद जमीनी हालात कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं। शहर की कई गैस एजेंसियों पर लोगों की लंबी कतारें लगातार देखी जा रही हैं, जिससे आपूर्ति व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
शनिवार को सूरजकुंड स्थित सविता गैस एजेंसी पर स्थिति उस समय बिगड़ गई, जब उपभोक्ताओं और कर्मचारियों के बीच कहासुनी के बाद हंगामा हो गया। वहीं हापुड़ अड्डा की तिरंगा गैस एजेंसी और हापुड़ रोड पर स्थित रमन गैस एजेंसी पर भी दिनभर भारी भीड़ रही।
प्रशासन के दावे बनाम जमीनी हकीकत
जिलापूर्ति अधिकारी विनय कुमार सिंह का कहना है कि जिले में गैस का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और आपूर्ति सुचारु रूप से जारी है। डीएम स्तर पर कॉमर्शियल गैस के वितरण के लिए 20 प्रतिशत कोटा भी निर्धारित किया गया है। इसके बावजूद एजेंसियों पर भीड़ कम होने का नाम नहीं ले रही।
एजेंसी संचालकों को उम्मीद थी कि ईद के बाद स्थिति सामान्य हो जाएगी, लेकिन भीड़ में कोई खास कमी नहीं आई।
कालाबाजारी और जांच का मामला
गैस एजेंसी संचालक कालाबाजारी के आरोपों से इनकार कर रहे हैं, लेकिन पूर्ति विभाग की जांच में तीन एजेंसियों के खिलाफ केस दर्ज हो चुके हैं। इनमें हॉकर स्तर पर सिलिंडरों की अवैध बिक्री के आरोप सामने आए हैं।
इसके अलावा हापुड़ रोड पर तीन व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से 11 घरेलू सिलिंडर बरामद किए गए, जिनका व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा था। इस पर विभाग ने कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज किया है। बावजूद इसके, शहर के कई इलाकों में ढाबों और ठेलों पर घरेलू सिलिंडरों का इस्तेमाल जारी है।
समय से पहले गैस लेने पहुंच रहे लोग
एजेंसी संचालकों के मुताबिक, गैस बुकिंग के बीच 25 दिन का अंतराल तय है, लेकिन कई उपभोक्ता इस नियम का पालन नहीं कर रहे। कुछ लोग सिलिंडर लेने के कुछ ही दिनों बाद दोबारा एजेंसी पहुंच जाते हैं, जिससे भीड़ बढ़ रही है।
कर्मचारियों के अनुसार, रिकॉर्ड चेक करने पर पता चलता है कि संबंधित उपभोक्ता को हाल ही में सिलिंडर दिया जा चुका है, जिससे बहस की स्थिति बन जाती है।
बुकिंग सिस्टम पर भी उठे सवाल
गैस बुकिंग प्रक्रिया को लेकर भी शिकायतें सामने आई हैं। कई उपभोक्ताओं का कहना है कि उन्होंने बुकिंग नहीं कराई, फिर भी उनके मोबाइल पर बुकिंग के मैसेज आ रहे हैं।
मवाना खुर्द की निवासी माया त्यागी ने इस संबंध में मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें एजेंसी पर बिना जानकारी के बुकिंग कर सिलिंडर उठाने के आरोप लगाए गए हैं। इस मामले की जांच अब पूर्ति विभाग कर रहा है।
अधिकारियों का दावा-शिकायत पर होगी कार्रवाई
जिलापूर्ति अधिकारी का कहना है कि गैस की उपलब्धता पर्याप्त है और किसी भी प्रकार की अनियमितता की शिकायत मिलने पर जांच कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए विभाग ने कंट्रोल रूम भी सक्रिय किया है।