मुजफ्फरनगर। गन्ना किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) ने केंद्र सरकार के समक्ष अपनी मांगें रखी हैं। इसी सिलसिले में संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक और युवा प्रदेश अध्यक्ष दिगंबर सिंह ने केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी से दिल्ली स्थित उनके आवास पर मुलाकात की।

करीब एक घंटे चली इस बैठक में प्रस्तावित ‘गन्ना (नियंत्रण) आदेश, 2026’ पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। किसान नेताओं ने सुझाव दिया कि गन्ने के मूल्य निर्धारण का आधार केवल चीनी उत्पादन तक सीमित न रहकर उससे बनने वाले सह-उत्पादों को भी शामिल किया जाए, ताकि किसानों को अधिक उचित लाभ मिल सके।

भाकियू पदाधिकारियों ने यह भी कहा कि दो चीनी मिलों के बीच निर्धारित दूरी की शर्त पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए, क्योंकि इससे कई क्षेत्रों में उद्योग विस्तार प्रभावित होता है। साथ ही, कोल्हू और क्रेशर की परिभाषा को स्पष्ट करने और इनसे जुड़े निरीक्षण तंत्र को सरल बनाकर राज्य सरकारों को अधिक अधिकार देने की मांग भी रखी गई।


बैठक के दौरान गन्ना भुगतान और बकाया राशि का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। नेताओं ने सुझाव दिया कि किसानों के भुगतान की स्थिति को पारदर्शी बनाने के लिए रियल-टाइम डेटा सिस्टम विकसित किया जाए, जिससे समय पर भुगतान सुनिश्चित हो सके।

किसान प्रतिनिधियों के अनुसार, केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने सभी मुद्दों को गंभीरता से सुना और उन्हें संबंधित स्तर पर उठाने का आश्वासन दिया। बैठक को सकारात्मक बताया गया और उम्मीद जताई गई कि इन सुझावों से गन्ना किसानों को भविष्य में राहत मिल सकती है।