नई दिल्ली में अवैध निर्माण और संपत्ति के दुरुपयोग के खिलाफ एमसीडी ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। सैदुलाजाब और हौज रानी में हाल की घटनाओं के बाद निगम ने अभियान को तेज करते हुए शनिवार को 12 अवैध निर्माण ध्वस्त किए और 79 संपत्तियों को सील कर दिया। यह अब तक की सबसे व्यापक कार्रवाइयों में से एक बताई जा रही है।
सबसे बड़ी कार्रवाई नजफगढ़ जोन में देखने को मिली, जहां महिपालपुर क्षेत्र में एयरपोर्ट के पास चल रहे 19 ‘बेड एंड ब्रेकफास्ट’ यूनिट्स को नियमों के उल्लंघन पर सील किया गया। इसके अलावा तीन अवैध रेस्तरां भी बंद किए गए। इनमें डाल्फिन इंटरनेशनल, हनुवंत, एरोफ्लाई, पोर्टव्यू, एनेक्सी बीएंडबी, बीकानेर रेस्टोरेंट और केजीएन बिरयानी प्वाइंट जैसी संपत्तियां शामिल हैं, जिन्हें संपत्ति के गलत उपयोग के चलते सील किया गया।
एमसीडी के अनुसार यह कार्रवाई उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद और तेज की गई है। 1 जून से अब तक निगम 97 अवैध निर्माण ध्वस्त कर चुका है और 137 संपत्तियों को सील किया जा चुका है। दक्षिणी जोन में भी कार्रवाई जारी रही, जहां सैदुलाजाब, हौज रानी, खिड़की एक्सटेंशन, सावित्री नगर, खानपुर और गौतम नगर में 18 संपत्तियों को सील और 3 को ध्वस्त किया गया।
निगम का कहना है कि यह पूरा अभियान मास्टर प्लान-2021, यूनिफाइड बिल्डिंग बाय-लॉज-2016 और डीएमसी एक्ट-1957 के तहत चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य अवैध निर्माण और नियमों के उल्लंघन पर रोक लगाना है। साथ ही नागरिकों से अपील की गई है कि किसी भी संपत्ति को खरीदने से पहले उसकी कानूनी स्थिति की जांच जरूर करें, ताकि बाद में कार्रवाई के दौरान नुकसान से बचा जा सके।
दिल्ली सरकार ने भी इस अभियान को लेकर सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार केवल कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसी स्थायी व्यवस्था तैयार की जा रही है जिससे भविष्य में अवैध और असुरक्षित निर्माणों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।
उन्होंने यह भी बताया कि सरकार थर्ड पार्टी इंश्योरेंस सिस्टम लागू करने पर विचार कर रही है, खासकर उन इमारतों के लिए जहां बड़ी संख्या में लोगों का आना-जाना होता है, जैसे गेस्ट हाउस, नर्सिंग होम और अन्य सार्वजनिक भवन। इसके अलावा फायर विभाग की रिस्पॉन्स प्रक्रिया को डिजिटल ट्रैकिंग से जोड़ने और नक्शे से हटकर निर्माण करने वाले आर्किटेक्ट्स को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
विभिन्न जिलों में हुए निरीक्षण के दौरान कुल 124 स्थानों की जांच की गई। उत्तर, पूर्वी, पश्चिम, दक्षिण-पश्चिम और मध्य जिलों में कई स्थानों पर उल्लंघन पाए जाने पर नोटिस जारी किए गए। दक्षिण जिले में 30 स्थलों की जांच में 11 परिसरों को सील किया गया, जबकि बाहरी उत्तर जिले में 3 अवैध निर्माण ध्वस्त किए गए। वहीं दक्षिण-पूर्व जिले में कोई बड़ा उल्लंघन सामने नहीं आया।