मुजफ्फरनगर। संयुक्त हिंदू मोर्चा के अध्यक्ष मनोज सैनी ने गौ माता को “राष्ट्र माता” घोषित किए जाने की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे लेकर अपनी अलग राय सामने रखी है। उन्होंने इस मुद्दे को सनातन परंपरा और धार्मिक आस्था से जोड़ते हुए कहा कि गौ माता केवल किसी एक उपाधि तक सीमित नहीं की जा सकतीं।
रविवार को जारी अपने बयान में मनोज सैनी ने कहा कि जिस देश में महात्मा गांधी को राष्ट्रपिता का दर्जा प्राप्त है, वहां गौ माता, जिन्हें सनातन धर्म में पूजनीय और देवी-देवताओं का प्रतीक माना जाता है, उन्हें सिर्फ “राष्ट्र माता” के दायरे में सीमित करना उचित नहीं है।

उन्होंने कहा कि गौ माता सनातन आस्था का केंद्र हैं और उन्हें किसी औपचारिक उपाधि में बांधना उनकी गरिमा के अनुरूप नहीं है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे मुद्दों पर समाज में भ्रम फैलाने की कोशिशें चिंता का विषय हैं।
मनोज सैनी ने आरोप लगाया कि कुछ लोग, जो पहले गौहत्या के मामलों पर चुप्पी साधे रहे या संरक्षण देते रहे, अब इस तरह की मांगों के जरिए समाज को भ्रमित कर रहे हैं। उन्होंने इसे राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित बताया।

उन्होंने आगे कहा कि मौजूदा समय में सबसे जरूरी मुद्दा गौ माता को कोई नया दर्जा देना नहीं, बल्कि देशभर में गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लागू करना है। उनके अनुसार गोवंश संरक्षण के लिए व्यापक और सख्त अभियान चलाने की आवश्यकता है।
मनोज सैनी ने सरकार से मांग की कि यदि गौ संरक्षण को लेकर वास्तव में गंभीरता दिखाई जा रही है, तो पूरे देश में कठोर कानून लागू कर उसका प्रभावी पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि गोवंश की सुरक्षा और धार्मिक आस्था दोनों का सम्मान बना रहे।