मुजफ्फरनगर में भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) की मासिक समीक्षा बैठक रविवार को जिला कार्यालय पर आयोजित की गई। बैठक की अगुवाई जिलाध्यक्ष चौधरी नवीन राठी ने की, जिसमें जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। बैठक के दौरान किसानों की समस्याओं, प्रशासनिक कार्यप्रणाली और विभिन्न विभागों में कथित भ्रष्टाचार को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक की शुरुआत हाल ही में संपन्न किसान चिंतन शिविर की सफलता पर सभी कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए की गई। इसके बाद किसानों से जुड़े मुद्दों को एजेंडे में शामिल कर उन पर विचार-विमर्श हुआ। विशेष रूप से तहसीलों में कथित भ्रष्टाचार, पुलिस स्तर पर किसानों को होने वाली परेशानियां, बिजली विभाग की शिकायतें और फर्जी मुकदमों के जरिए अवैध वसूली जैसे मामलों को प्रमुखता से उठाया गया।

जिलाध्यक्ष नवीन राठी ने कहा कि किसानों को अपने दैनिक कार्यों के लिए भी कई सरकारी कार्यालयों में अनावश्यक बाधाओं और भ्रष्टाचार का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई विभागों में किसानों से अवैध धनराशि की मांग की जाती है, जिससे उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानी झेलनी पड़ती है।
उन्होंने यह भी कहा कि संगठन के कार्यकर्ताओं को वाहन चेकिंग और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं के नाम पर अनावश्यक रूप से परेशान किए जाने की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। यदि संबंधित विभागों ने अपनी कार्यशैली में सुधार नहीं किया तो भारतीय किसान यूनियन व्यापक स्तर पर आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होगी।

बैठक में निर्णय लिया गया कि संगठन गांव-गांव जाकर किसानों की समस्याओं को एकत्र करेगा और उन्हें प्रशासन व संबंधित विभागों के समक्ष मजबूती से उठाएगा। साथ ही भ्रष्टाचार और किसान उत्पीड़न के मामलों को लेकर विशेष अभियान चलाने की रणनीति भी तैयार की जाएगी।
कार्यक्रम में गुलशन चौधरी, संजय त्यागी, अनुज राठी, रमेश मलिक, मुनाजिर पहलवान, पप्पू त्यागी, हैप्पी बालियान, देव अहलावत, परमजीत खेड़ी, मनीष प्रधान, मनीष अहलावत, रणधौल राठी, योगेश बालियान, सतीश रायल, नरेश पुंडीर, संजीव राठी और ललित त्यागी सहित अनेक पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक का संचालन सुमित पचंडा ने किया, जबकि जिला मीडिया प्रभारी हेमेंद्र कुमार ने आयोजन में सहयोग किया।