मुजफ्फरनगर में मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा और डग्गामार वाहनों के संचालन को लेकर चल रहा विवाद अब समाधान की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है। शनिवार शाम नगर कोतवाली में यातायात पुलिस और परिवहन विभाग के अधिकारियों ने दोनों पक्षों के वाहन संचालकों के साथ बैठक कर उनकी समस्याएं विस्तार से सुनीं और संचालन व्यवस्था को लेकर कई महत्वपूर्ण फैसले लिए।
बैठक में एसपी ट्रैफिक अतुल कुमार चौबे, एआरटीओ अजय मिश्रा, एआरएम सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान ग्रामीण बस सेवा संचालकों ने रूट तय न होने, निर्धारित स्थानों पर यात्रियों को चढ़ाने-उतारने में आ रही दिक्कतों और निजी वाहनों के बढ़ते प्रभाव से हो रहे नुकसान की शिकायत रखी। वहीं, डग्गामार और निजी वाहन संचालकों ने भी अपनी-अपनी समस्याएं अधिकारियों के सामने प्रस्तुत कीं।

एसपी ट्रैफिक अतुल कुमार चौबे ने बताया कि दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। ग्रामीण बस सेवा के लिए सवारी चढ़ाने और उतारने के स्थान तय कर दिए गए हैं। साथ ही डग्गामार वाहनों के खिलाफ अभियान चलाकर केवल परमिट शर्तों के अनुरूप संचालन सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि यातायात व्यवस्था बाधित न हो।

निजी वाहन संचालक अमरीश त्यागी ने कहा कि जिला अस्पताल के बाहर से वाहनों के संचालन को लेकर चल रहा पुराना विवाद बैठक के बाद समाप्त हो गया है। वहीं ग्रामीण बस सेवा संचालक संदीप मलिक ने बताया कि अधिकारियों ने 15 दिन के रूट ट्रायल को सही ठहराया है और अब उसी व्यवस्था के तहत संचालन जारी रहेगा।
हालांकि बैठक में कुछ ग्रामीण बस सेवा संचालकों ने असंतोष भी जताया, लेकिन प्रशासन ने आश्वासन दिया कि बाकी मुद्दों का भी जल्द समाधान किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि दोनों व्यवस्थाओं के बीच संतुलन बनाकर यात्रियों को बेहतर और सुगम परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना प्राथमिकता है।