मुजफ्फरनगर। केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी ने नुमाइश मैदान में आयोजित कार्यक्रम में युवाओं को संबोधित करते हुए कौशल और उद्यमिता की अहमियत पर जोर दिया। उन्होंने साफ कहा कि आज के दौर में केवल सरकारी नौकरी पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है, युवाओं को हुनर सीखकर आत्मनिर्भर बनना होगा।
उन्होंने बताया कि सरकार युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए लगातार योजनाएं चला रही है और इच्छुक युवाओं को करीब पांच लाख रुपये तक का ऋण लेकर अपना व्यवसाय शुरू करने का अवसर दिया जा रहा है। उन्होंने गठबंधन की मजबूती का जिक्र करते हुए भारत रत्न चौधरी चरण सिंह और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को एनडीए की विचारधारा का प्रमुख आधार बताया।
जयंत चौधरी ने अपने संबोधन की शुरुआत स्थानीय अंदाज में ‘राम-राम’ से की और मुजफ्फरनगर की धरती को चौधरी चरण सिंह और चौधरी अजित सिंह की कर्मभूमि बताया। उन्होंने कहा कि आज का समय युवाओं के लिए नए अवसर लेकर आया है और यह दिन उनके लिए यादगार साबित हो सकता है।
उन्होंने कहा कि पहले गरीब परिवारों के युवाओं के लिए बड़े अवसर सीमित थे, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं और सरकार की नीतियों से युवाओं के लिए नए रास्ते खुले हैं। उन्होंने गन्ना मूल्य वृद्धि और कौशल विकास बजट में बढ़ोतरी का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार किसानों और युवाओं—दोनों पर विशेष ध्यान दे रही है।
युवाओं से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि केवल नौकरी की तलाश करने के बजाय कौशल विकास और उद्यमिता की ओर भी कदम बढ़ाएं। उन्होंने यह भी कहा कि भर्ती प्रक्रियाओं में पहले जो अनियमितताएं होती थीं, अब उन्हें खत्म कर पारदर्शिता लाई गई है।
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल की जानकारी दी। उनके अनुसार, गूगल और चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के बीच एक समझौता हुआ है, जिसके तहत विभिन्न पाठ्यक्रमों में एआई को शामिल करने की तैयारी की जा रही है।
इसके अलावा उन्होंने महिलाओं की भागीदारी पर भी जोर दिया और कहा कि लोकतंत्र में आधी आबादी की भूमिका और मजबूत होगी। उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन की बात करते हुए संकेत दिया कि आने वाले दिनों में इस विषय पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं।