मुजफ्फरनगर। जिला कारागार में बुधवार को न्यायिक और प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त टीम ने अचानक पहुंचकर व्यवस्थाओं का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान जेल परिसर की पाकशाला, अस्पताल, पुरुष एवं महिला बैरकों का गहन परीक्षण किया गया। अधिकारियों ने बंदियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं और सुविधाओं की जानकारी भी ली।
यह निरीक्षण उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के वार्षिक कार्यक्रम के तहत किया गया। टीम में जिला एवं सत्र न्यायाधीश और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष वीरेन्द्र कुमार सिंह, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, जिलाधिकारी उमेश मिश्रा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा, और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं सिविल जज (सीडी) डॉ. सत्येन्द्र कुमार चौधरी सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने जेल में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं, भोजन व्यवस्था और आवासीय सुविधाओं का भी जायजा लिया। वहीं, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव और लीगल एंड डिफेंस काउंसिल सिस्टम से जुड़े अधिवक्ताओं ने बंदियों को उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी दी।
बंदियों को बताया गया कि यदि उन्हें उच्च न्यायालय में अपील दाखिल करनी हो या किसी प्रकार की विधिक सहायता की जरूरत हो, तो वे जेल प्रशासन के माध्यम से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से संपर्क कर सकते हैं।

अधिकारियों ने जेल प्रशासन को निर्देश दिया कि ऐसे बंदियों की सूची तैयार की जाए जिनके मामले जेल लोक अदालत या ई-जेल लोक अदालत के माध्यम से निपटाए जा सकते हैं, ताकि मामलों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
इसके अलावा जिन बंदियों की जमानत याचिकाएं लंबित हैं या जिन्हें कानूनी सहायता की आवश्यकता है, उन्हें तुरंत आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए।