मंसूरपुर (मुजफ्फरनगर)। दिल्ली–देहरादून हाईवे पर शुक्रवार रात से शनिवार सुबह तक छाया घना कोहरा हादसों की बड़ी वजह बन गया। बाईपास क्षेत्र में कम दृश्यता के कारण अलग-अलग स्थानों पर सिलसिलेवार चार सड़क दुर्घटनाएं हुईं। कोहरे के चलते दृश्यता महज 10 मीटर से भी कम रह गई, जिससे वाहन एक-दूसरे से टकराते चले गए। इन हादसों में भूसे से लदा एक ट्रक पलटकर कार पर जा गिरा। अलग-अलग दुर्घटनाओं में हरियाणा निवासी दंपती समेत चार लोग घायल हुए, जबकि 10 से अधिक वाहन क्षतिग्रस्त हो गए।

पहला हादसा शुक्रवार देर रात करीब दो बजे नई मंडी कोतवाली क्षेत्र में बाईपास पर नचिकेता स्कूल के पास हुआ, जहां खड़े ट्रक में पीछे से एक डीसीएम जा भिड़ी। दिल्ली से जूते लेकर देवबंद जा रहे डीसीएम में सवार संझक गांव निवासी शहजाद और उसका साथी सनव्वर घायल हो गए। शहजाद के दोनों पैरों में गंभीर फ्रैक्चर आया, जिन्हें बेगराजपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया।

शहजाद ने आरोप लगाया कि दुर्घटना के बाद उसका पैर वाहन में फंसा रहा, लेकिन मौके पर पहुंची पुलिस ने उसे तुरंत बाहर निकालने की बजाय देरी की, जिससे वह काफी देर तक दर्द से तड़पता रहा। इसी दौरान एक रोडवेज बस डीसीएम से टकरा गई और पीछे से एक अन्य ट्रक भी बस में जा घुसा। इसके बाद दिल्ली से 49 यात्रियों को लेकर देहरादून जा रही एक निजी बस भी ट्रक से टकरा गई, जिससे बस का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, हालांकि सभी यात्री सुरक्षित रहे।

शनिवार सुबह करीब आठ बजे मंसूरपुर थाना क्षेत्र के संधावली कट के पास एक और बड़ा हादसा हुआ। मेरठ की ओर से आ रहा भूसे से भरा ट्रक कोहरे में डिवाइडर नहीं देख पाया और अनियंत्रित होकर पलट गया। इसी दौरान पास से गुजर रही स्विफ्ट डिजायर कार भूसे के नीचे दब गई। कार में सवार करनाल (हरियाणा) के गांव कुटैल निवासी अंकित और उसकी पत्नी मंजीत घायल हो गए।

सूचना मिलने पर मंसूरपुर और नई मंडी पुलिस मौके पर पहुंची और जेसीबी की मदद से भूसा हटवाकर दंपती को बाहर निकाला। दोनों को जानसठ रोड स्थित वर्धमान अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां वे इलाज के लिए ही जा रहे थे।

इसके बाद सुबह करीब साढ़े नौ बजे नचिकेता स्कूल के सामने मेरठ मार्ग पर ट्रक, दो डंपर और एक कार की आपस में टक्कर हो गई। कार सड़क किनारे खाई में गिरने से बाल-बाल बची। वहीं मेरठ रोड पर शाहपुर कट के पास गन्ने से भरी ट्रॉली में देहरादून से दिल्ली जा रही यात्रियों से भरी बस जा टकराई। बस में सवार 32 यात्रियों को कोई चोट नहीं आई, हालांकि बस का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया।

10 किलोमीटर तक लगा जाम

लगातार हुए हादसों के कारण दिल्ली–देहरादून हाईवे के बाईपास पर लगभग 10 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। शुक्रवार रात से शनिवार सुबह साढ़े दस बजे तक यातायात पूरी तरह सामान्य नहीं हो सका। मेरठ और हरिद्वार की ओर जाने वाले मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं, जिससे राहगीरों को भारी परेशानी उठानी पड़ी।

ग्रामीण बने मददगार

संधावली पुल के पास जब भूसे से भरा ट्रक कार पर पलटा, तो पास में खड़ी गांव के पूर्व प्रधान बाबू अंसारी की जेसीबी तुरंत काम आई। सीओ खतौली रामाशीष यादव, सीओ नई मंडी राजू कुमार साव और बेगराजपुर चौकी पुलिस भी मौके पर पहुंची।
ग्रामीण सोमपाल सिंह कोरी ने बताया कि ट्रक का तिरपाल और भूसा कार के ऊपर गिर गया था। तीन जेसीबी की मदद से भूसा हटाकर करीब 15–20 मिनट में दंपती को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। ग्राम प्रधान मनोज कुमार उर्फ बबलू ने बताया कि समय रहते राहत न मिलती तो जान का खतरा बढ़ सकता था।